हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश सेनानी एवं उत्तराधिकारी कल्याण संघ के प्रदेशाध्यक्ष पुरुषोत्तम कालिया ने कहा है कि गृह मंत्रालय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को जल्द लागू करे। स्वतंत्रता सेनानियों के सभी बच्चों जिसमें विवाहित एवं अविवाहित लड़के-लड़कियां शामिल हैं, उन्हें स्वतंत्रता सेनानी सम्मान पेंशन दी जाए। कालिया ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इसे लेकर जो फैसला दिया है, उसे केंद्रीय गृह मंत्रालय भी लागू करे।
मालविंद्र सिंह ने एक पीआईएल अप्रैल 2012 में दायर की थी और मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई तथा न्यायाधीश महेश ग्रोवर ने गृह मंत्रालय को निर्देश दिए कि उत्तराधिकारी की परिभाषा को बदल कर इसमें सभी बच्चों को शामिल किया जाए। इसे पहले केवल अविवाहित लड़कियों और बेरोजगार लड़कियों को ही शामिल किया गया था और कहा कि यह इसलिए भी जरूरी है कि अब अविवाहित लड़कियों की संख्या लगभग नाममात्र है और केंद्र सरकार भी समय-समय पर 1970 के पेंशन स्कीम को संशोधित करती आई है। इसी तरह स्वतंत्रता सेनानियों के आरक्षण का लाभ आगे दो पीढ़ियों तक किया जाए और इसका बिल लोकसभा के आगामी सत्र में लाया जाए। प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री को एक पत्र लिख कर भी आग्रह किया है कि स्वतंत्रता सेनानियों का बिल इसी सत्र में पास कर स्वतंत्रता सेनानियों और उनके अधिकारियों को न्याय दिया जाए।