हमीरपुर। बिजली मजदूर एकता यूनियन ने बिजली उपमंडल-2 धर्मशाला में आउटसोर्स पर तैनात कर्मचारी की करंट लगने पर खंभे से गिरने के कारण टूटी रीढ़ की हड्डी के इलाज का खर्च बिजली बोर्ड से उठाने की मांग की है। यूनियन ने रोष जताया है कि कर्मचारी को टांडा अस्पताल में दाखिल हुए तीन दिन हो चुके हैं लेकिन, बोर्ड की तरफ से कर्मचारी को कोई सहायता नहीं दी गई है।
यूनियन का कहना है कि जब यह कर्मचारी अकुशल था तो उसे खंभे पर क्यों चढ़ाया गया, इसके लिए संबंधित कनिष्ठ अभियंता पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। यूनियन ने मांग की है कि या तो बिजली बोर्ड मजदूर के इलाज का खर्च दे या जिस जेई ने अकुशल कर्मचारी को खंभे पर चढ़ाया था वह उसके इलाज का खर्च दे। यूनियन ने प्रदेश सरकार और ऊर्जा मंत्री से पीड़ित परिवार की सहायता करने की मांग की है। यूनियन के सचिव यशपाल का कहना है कि सरकार आउटसोर्स पर तैनात कर्मचारियों के लिए कोई जिम्मेवारी सुनिश्चित करे। कहा कि अगर पीड़ित मजदूर को न्याय नहीं मिला तो यूनियन किसी भी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी।