हमीरपुर। जीएसटी लागू होने के बाद कई कारोबारी उपभोक्ताओं को फर्जी बिल दे रहे हैं। जिससे सरकार को टैक्स के रूप में चूना लग रहा है। ऐसा ही एक मामला हमीरपुर में सामने आया है। दुकानदार ने खरीदारी करने के बाद उपभोक्ता को बिल तो दे दिया लेकिन, जीएसटी सरकार के खजाने में जमा नहीं करवाया। एक जागरूक उपभोक्ता के तौर पर खरीदार ने सहायक आयुक्त आबकारी एवं कराधान विभाग हमीरपुर में मामले की शिकायत की।
उपभोक्ता ने एक्साइज विभाग को लिखी चिट्ठी के माध्यम से पूछा कि क्या उन्हें जो बिल दिया गया है, उस बिल में दर्शाया जीएसटी सरकार के खजाने में जमा हुआ है या नहीं? शिकायत मिलते ही एक्साइज विभाग ने संबंधित दुकानदार को कार्यालय में तलब किया। मामले की तफ्तीश करने पर पता चला कि दुकानदार ने ग्राहक को बिल तो दिया है लेकिन, जीएसटी सरकार के खजाने में जमा नहीं हुआ। इस पर एक्साइज विभाग ने संबंधित दुकानदार को पेनल्टी लगाते हुए जीएसटी वसूला। एक्साइज विभाग के ईटीओ गगनेश गुप्ता ने बताया कि एक ग्राहक ने विभाग में जीएसटी जानने के लिए शिकायत दी थी। विभाग ने मामले की तफ्तीश की तो पाया कि दुकानदार ने जीएसटी सरकारी खजाने में जमा नहीं करवाया। संबंधित दुकानदार से पेनल्टी समेत टैक्स वसूल लिया गया है।
200 रुपये से कम खरीद पर बिल ऑफ सप्लाई देना भी अनिवार्य : गुप्ता
एक्साइज विभाग के ईटीओ गगनेश गुप्ता ने बताया कि 200 रुपये से कम की खरीद पर ग्राहक को बिल ऑफ सप्लाई देना अनिवार्य है। अगर कोई दुकानदार ग्राहक को फर्जी बिल देता है या बिल ऑफ सप्लाई नहीं देता है तो ग्राहक विभाग में इसकी शिकायत कर सकते हैं। एचपीजीएसटी की सेक्शन 31 के तहत दुकानदार को 25 हजार तक जुर्माना हो सकता है। उन्होंने हमीरपुर के सभी दुकानदारों को अपने ग्राहकों को 200 रुपये से कम की खरीद पर बिल ऑफ सप्लाई और इससे अधिक पर जीएसटी लगा बिल देने के निर्देश दिए हैं।