हमीरपुर। खाद के बाद अब जिला कृषि विभाग के गोदाम में गेहूं का 2,000 क्विंटल बीज पहुंच गया है। विभाग ने बीज की इस खेप को सभी छह विकास खंडों के केंद्रों में विक्रय के लिए भेज दिया गया है। महाराष्ट्र से बीएमडब्ल्यू-88 बीज और पंजाब से पीबीडब्ल्यू 343 बीज की किस्म भेजी गईं हैं। जल्द ही उत्तराखंड से बेहतर किस्म का बीज जिले में पहुंचेगा। जानकारी के अनुसार जिले के किसान लगातार बीज की मांग कर रहे थे। उनकी मांग को ध्यान में रखते हुए विभाग ने नवंबर से पूर्व ही विक्रय केंद्रों में बीज को पहुंचा दिया है।
अब समय पर फसल बिजाई के कार्य से इस बार अच्छी पैदावार होने का भी अनुमान है। सोमवार को निचले क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने के कारण खेतों में नमी बनी हुई है। इसके चलते नवंबर में होने वाली बिजाई और अच्छे बीज खेतों अंकुरित होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इन दिनों किसान अपनेे खेतों की साफ-सफाई के कार्य में जुटे हुए हैं और मक्की की कटाई के बाद बचे हुए अवशेष को हटा रहे हैं। कृषि विभाग हमीरपुर हर वर्ष गेहूं की 5,200 क्विंटल बीज की मांग अन्य राज्यों को भेजता है। इनमें से कुछ राज्यों से गेहूं का बीज जिले के लिए आता है। अब तक महाराष्ट्र और पंजाब से गेहूं का बीज भेजा जा चुका है। अभी कृषि विभाग के पास 3,200 क्विंटल बीज आना बाकी है, बाकि बचे हुए बीज को भी विक्रय केंद्रों में जल्द भेज दिया जाएगा।
कहां कितना बीज पहुंचाया
जिले के भोरंज ब्लाॅक में 225 क्विंटल, बड़सर में 200 क्विंटल, बमसन में 250 क्विंटल, नादौन ब्लाॅक में 260 क्विंटल, हमीरपुर में 225 क्विंटल और सुजानपुर ब्लाॅक में 282 क्विंटल बीज विक्रय केंद्रों में बिक्री के लिए उपलब्ध करवा दिया गया है। विभाग के पास अभी 2,000 क्विंटल बीज ही पहुंच पाया है।
जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक सुरेश कुमार धीमान ने बताया कि जिले के छह विकास खंडों में गेहूं का बीज पहुंचा दिया गया है। विभाग के पास अभी 2,000 क्विंटल बीज ही पहुंच पाया है। जल्द ही उत्तराखंड से भी गेहूं का बीज पहुंचने वाला है। अभी पंजाब और महाराष्ट्र से बीज पहुंच पाया है। खाद भी किसानों को वितरित की जा रही है।