हमीरपुर। केंद्रीय सैनिक बोर्ड की ओर से संचालित प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना में सूबे के पूर्व सैनिकों के बच्चे रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बीते चार सालों की तुलना में इस साल इस छात्रवृत्ति के लिए सबसे कम आवेदन आए हैं। हालांकि, सैनिक कल्याण विभाग अपनी योजनाओं का प्रचार प्रसार भी करता है, इसके बावजूद पूर्व सैनिक और उनके बच्चों को विभिन्न योजनाओं का पता नहीं चल पा रहा है। प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना के लिए वर्ष 2014 में 48, वर्ष 2015 में 72, 2016 में 82 और 2017 में 108 आवेदन आए है। इस वर्ष अभी महज 48 आवेदन आए हैं।
विभाग ने इस बार 200 बच्चों को छात्रवृत्ति देने का लक्ष्य रखा है। जानकारी के अभाव में जो पूर्व सैनिकों के बच्चे इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने से वंचित रह गए हैं, वह अंतिम तिथि 15 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए किसी भी व्यावसायिक कोर्स के प्रथम सत्र के दौरान आवेदन करना होता है। कोर्स के खत्म होने तक हर वर्ष पूर्व सैनिक के बेटे को 24 हजार और बेटी को 27 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति मिलती है। सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर एसके वर्मा का कहना है कि बीते वर्षों की तुलना में इस वर्ष कम आवेदन आए हैं। इस बार करीब दो सौ बच्चों को छात्रवृत्ति देने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने प्रथम सत्र में प्रोफेशनल कोर्स कर रहे पूर्व सैनिकों के बच्चों से 15 नवंबर तक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने का आग्रह किया है।