हमीरपुर। डॉ. राधा कृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में महज एक कैश काउंटर होने के कारण वहां दिनभर लोगों की भीड़ लगी रह रही है। अस्पताल में विभिन्न टेस्टों की फीस देने के लिए एक ही काउंटर पर पैसे जमा करवाने पड़ते हैं। चाहे कोई भी टेस्ट हो या अस्पताल के किसी भी ब्लॉक या मंजिल पर हो, लोगों को टेस्ट की फीस जमा करवाने के लिए पुराने भवन की पहली मंजिल में आना पड़ता है।
महज एक काउंटर पर रोजाना तीन सौ से चार सौ लोगों की भीड़ लगी रहती है। भीड़ देखकर कई मरीज और उनके तीमारदार निजी लैबों में महंगे दामों पर टेस्ट करवाने चले जाते हैं। टेस्ट के लिए पहले फीस कटवाने के चक्कर में कई बार लोगों में धक्कामुक्की भी होती है। जिन मरीजों के साथ तीमारदार आए होते हैं उनकी फीस तो तीमारदार लाइन में लगकर कटवा देते हैं लेकिन, जो मरीज अस्पताल में अकेले आए होते हैं उन्हें बीमारी के बावजूद कैश काउंटर पर लगी लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। वहीं, कई टेस्ट अस्पताल के नए भवन में होते हैं तो कई तीसरी और चौथी मंजिल पर, लेकिन कैश जमा करवाने के लिए लोगों को पुराने भवन ही जाना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ती है। अस्पताल में आए मरीजों ज्योति, शकुंतला, विरेंद्र कुमार, रवि कुमार, दिनेश ठाकुर आदि ने अस्पताल प्रबंधन से विभिन्न टेस्ट करवाने के लिए फीस जमा करवाने को अलग-अलग काउंटर बनाने की मांग उठाई है। इस संबंध में एमओएच डा. संजय जगोता का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन इस बारे में निर्णय ले सकता है। अगर लोगों को दिक्कतें आ रही हैं तो चिकित्सा अधीक्षक को इसकी जानकारी दें।
इमरजेंसी नंबर कोई नहीं उठाता
मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर का इमरजेंसी नंबर बीते कई माह से बंद पड़ा है। इस नंबर पर कॉल करने पर घंटी तो बजती है लेकिन, उठाता कोई नहीं। जिसके चलते कई बार आपात स्थिति में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलती हैं। लोगों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि इमरजेंसी नंबर को ठीक करवाया जाए। इसके साथ ही ओपीडी के बाहर बंद पड़ी टोकन डिस्पले मशीनों को भी दुरुस्त किया जाए ताकि, मरीजों को ओपीडी के बाहर घंटों देर तक खड़ा न रहना पड़े।