बिझड़ी (हमीरपुर)। उसनाडकलां ग्राम पंचायत को बीपीएल मुक्त घोषित करने के निर्णय के विरोध में निर्धन परिवारों के लोग लामबंद हो गए हैं। मंगलवार को उसनाडकलां के बीपीएल परिवारों से संबंध रखने वाले लोगों का प्रतिनिधिमंडल विधायक इंद्रदत्त लखनपाल से उनके निवास स्थान पर मिला। प्रतिनिधिमंडल ने बीपीएल परिवारों के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में ज्ञापन सौंपा। उपस्थित बीपीएल परिवारों से आए लोगों सुमना देवी, कमलेश कुमारी, रीना कुमारी, सुरेंद्र कुमार, गोविंद राम, राम कृष्ण, बलवीर सिंह, हीरा लाल, उर्मिला देवी, विनोद कुमार, केसरी देवी, शकुंतला देवी, नंद लाल, जीत राम और रजनी देवी ने पंचायत के प्रतिनिधियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत ने अपना नाम चमकाने के चक्कर में आनन-फानन में लोगों के भारी विरोध के बावजूद निर्धन परिवारों को विश्वास में न लेकर पंचायत को बीपीएल मुक्त कर दिया।
इस विरोध प्रदर्शन में पंचायत के दो दर्जन के करीब महिलाओं व पुरुषों ने भाग लिया। इन लोगों का कहना है अगर स्थानीय ग्राम पंचायत प्रतिनिधि सरकार के इतने ही शुभ चिंतक हैं तो बीपीएल परिवारों को सरकार से मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं वह पंचायत में मुहैया करवाएं। अन्यथा पंचायत प्रतिनिधियों का कोई अधिकार नहीं बनता है कि जरूरतमंद परिवारों को बीपीएल की सूची से बाहर करें। इन लोगों का यह भी कहना है कि अगर पंचायत इस निर्णय को वापस नहीं लेती है तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। इस संदर्भ में प्रधान ग्राम पंचायत उसनाड कलां लीला देवी का कहना है कि पंचायत ने सबकी सहमति से ही यह निर्णय लिया है। पंचायत ने किसी के दबाव में यह निर्णय नहीं लिया है। इस बारे में लोगों की ओर से विधायक आईडी लखनपाल को ज्ञापन सौंपने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।