हमीरपुर। जिला मुख्यालय हमीरपुर में प्रस्तावित हिमाचल पथ परिवहन निगम का अत्याधुनिक बहुमंजिला अंतरराज्यीय बस स्टैंड महज घोषणा पत्र तक ही सीमित रहा है। इसके साथ ही मिनी सचिवालय हमीरपुर में बहुमंजिला पार्किंग के कार्य पर भी बीते छह माह से एक ईंट तक नहीं लगी। बजट के अभाव में पार्किंग का कार्य लटका हुआ है। गांधी चौक माल रोड पर खरीदारी और मिनी सचिवालय में आने वाले लोगों को मजबूरन यहां-वहां अपने वाहन खड़े करने पड़ रहे हैं। जिला मुख्यालय में पार्किंग के अभाव में ट्रैफिक जाम की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है।
वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में मिनी सचिवालय के बाहर बहुमंजिला पार्किंग का कार्य शुरू हुआ था। करीब दो करोड़ रुपये की लागत धरातल मंजिल पर लैंटल पड़ा, लेकिन आगे का कार्य आज तक बंद पड़ा हुआ है। इसी तरह वर्ष 2012 में ही बाईपास रोड पर एचआरटीसी के बस स्टैंड की आधारशिला रखी गई। इस बस स्टैंड को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड के तहत बनाया जाना है। तीन बार टेंडर कॉल करने के बावजूद कोई कंपनी आगे नहीं आई। पूर्व कांग्रेस सरकार में इसे सरकार द्वारा खुद बनाने का निर्णय लिया गया लेकिन योजना सिरे नहीं चढ़ी। विस चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में पार्किंग और बस स्टैंड को प्रमुखता से शामिल किया गया। लेकिन सरकार बनने के छह माह गुजर जाने के बाद भी दोनों प्रोजेक्ट जस के तस पड़े हैं। बस स्टैंड के अभाव में निगम और प्राइवेट बसें सड़कों के किनारे खड़ी हो रही हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी-
उपायुक्त हमीरपुर डॉ. रिचा वर्मा का कहना है कि मिनी सचिवालय में प्रस्तावित बहुमंजिला पार्किंग के लिए अभी तक कोई बजट नहीं आया है। बजट के अभाव में पार्किंग का कार्य शुरू करने में परेशानी आ रही है।
एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक अवतार सिंह का कहना है कि बाईपास पर प्रस्तावित बस स्टैंड का फैसला बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने इसे खुद बनाने का निर्णय लिया था, लेकिन बस स्टैंड के निर्माण पर करीब 50 से 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बस स्टैंड पर इतनी अधिक राशि को एचआरटीसी खर्च नहीं कर सकती।
वर्तमान में यह है स्थिति
हमीरपुर बाईपास पर चिन्हित 28 हजार 302 वर्गमीटर में भूमि पर नया बस अड्डा प्रस्तावित है। नए बस अड्डा के निर्माण को भूमि निगम के नाम ट्रांसफर हो चुकी है। एचआरटीसी हमीरपुर डिपो में कुल 207 बसें हैं, जिनमें से155 बसें निगम की और 52 बसें जेएनयूआरएम की हैं। जिलाभर में कुल 530 निजी-सरकारी बसें हैं, जो हमीरपुर बस स्टैंड से रवाना होती हैं। अड्डा परिसर में 80 बसों की पार्किंग क्षमता है। वर्कशॉप में महज 30 बसों की पार्किंग व्यवस्था है।