हमीरपुर। गांधी चौक हमीरपुर में राहगीरों व खासकर बुजुर्गों का शहर से गुजरना मुश्किल हो गया है। सोमवार को सप्ताह का पहला दिन होने के बावजूद शहर में जाम की समस्या से लोग परेशान दिखे। दोपहर करीब बारह बजे करीब आधा दर्जन मालक वाहक वाहन शहर में प्रवेश हुए।
एक-एक करके यह वाहन शहर की सड़कों के किनारे खड़े हो गए और वाहन में लदे सामान की अनलोडिंग शुरू हो गई। जिसके चलते ट्रैफिक जाम हो गया। करीब एक बजे तक पूरा शहर ट्रैफिक जाम की समस्या से परेशान दिखा। इसके साथ ही दोपहर 1:35 बजे गांधी चौक हमीरपुर से उपायुक्त कार्यालय के चौक तक सड़क के दोनों और वाहनों की अवैध पार्किंग नजर आई। इस मार्ग पर एक दर्जन वाहन करीब एक से डेढ़ घंटे तक खड़े रहे। लेकिन मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस मूक दर्शक बनकर खड़ी रही। हालांकि वर्ष 2015 में जिला प्रशासन ने नियम बनाए थे कि सुबह आठ बजे से पहले और शाम सात बजे के बाद ही शहर में माल वाहक वाहनों की अनलोडिंग होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के चालान काटे जाते थे। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले के साथ ही यह नियम भी ठंडे बस्ते में पड़ गए हैं। शहर के वरिष्ठ नागरिकों सूबेदार रमेश चंद, सुशील पठानिया, ओम प्रकाश ठाकुर, प्रदीप शर्मा और विनोद वर्मा ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रतिबंधित समय पर शहर में कोई भी मालवाहक वाहन प्रवेश न करे। उधर, एसडीएम हमीरपुर अरिंदम चौधरी ने कहा कि इस बारे में पुलिस विभाग को जरूरी निर्देश दिए जाएंगे।
रेट डिस्प्ले बोर्ड भी गायब-
गांधी चौक पर जिला प्रशासन की तरफ से सब्जियों के रेट डिस्प्ले के लिए करीब दो लाख रुपये की लागत से इलेक्ट्रानिक डिस्प्ले लगाई गई थी ताकि ग्राहकों को रोजाना सब्जियों के दाम की जानकारी उपलब्ध हो पाए। सब्जी मंडी दोसड़का से रोजाना सब्जियों के दाम अपडेट होते थे। कुछ महीनों से इस डिस्प्ले बोर्ड को जिला प्रशासन ने खुलवा दिया था। लेकिन दोबारा इसे यहां पर स्थापित नहीं किया जा सका है। जिससे सरकारी धन की बर्बादी हो रही है।