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23 साल बाद भी दैनिक भोगी हैं दियोटसिद्ध मंदिर ट्रस्ट के कर्मी

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बड़सर (हमीरपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध न्यास में कार्यरत 41 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियुक्ति के दो दशक बाद भी नियमितीकरण का लाभ नहीं मिला है। इन दैनिक भोगी कर्मचारियों को 23 साल से 2250 रुपये न्यूनतम मानदेय दिया जा रहा है। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल कई बार न्यास के आयुक्त एवं उपायुक्त हमीरपुर से मिल चुका है तथा नियमित करने व न्यूनतम वेतन देने की मांग उठा चुका है। उन्होंने न्यास में विभिन्न श्रेणियों में खाली पदों पर दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियुक्त करने की मांग उठाई है। लेकिन अभी तक जिला प्रशासन की तरफ से कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई है।
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दियोटसिद्ध मंदिर न्यास में 41 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी मंदिर में लगभग 23 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, प्रदेश सरकार के विभिन्न कॉर्पोरेशन या बोर्ड में कार्यरत कर्मचारियों को 5 वर्षों में नियमित करने का प्रावधान है। लेकिन इन दैनिक भोगियों को आज तक रेगलुर नहीं किया गया और न ही उन्हें न्यूनतम वेतनमान मिल पाया है। इन्हें न्यूनतम वेतनमान न देकर 2250 रुपये स्पेशल पे दे दी गई, जो कि उच्च न्यायालय द्वारा 11 अगस्त 2014 को जारी आदेश की अवहेलना है। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों में योगेश कुमार, राकेश शर्मा, परमजीत, राजिंद्र कुमार, भाग सिंह, संजीव कुमार, रोशन लाल, ज्ञान चंद, कमलेश कुमार, राम चंद, पवन कुमार, देश राज, रामपाल, अमर नाथ, रमेश चंद, जगवीर सिंह, जगदेव व रत्न चंद सहित अन्यों ने कहा कि मंदिर न्यास प्रशासन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित नहीं कर पाया है। ये कर्मचारी 23 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने उपायुक्त से अनुरोध किया कि प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के आधार पर 5 वर्ष में कार्यकाल के उपरांत नियमित करने या न्यूनतम पे स्केल भत्तों सहित दिया जाए।
उधर, दियोटसिद्ध न्यास अध्यक्ष एवं उपमंडलाधिकारी बड़सर धनवीर ठाकुर का कहना है कि अदालत की रोक के चलते कर्मचारियों की नई भर्ती नहीं हो पाई हैं। न्यास में नई भर्ती से पहले दैनिक वेतनभोगियों को समायोजित किया जाएगा। चुनाव आचार संहिता के चलते अभी नई नियुक्तियों के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता है।
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