हमीरपुर। ऑनलाइन ठगी और नौकरी के झांसे में आकर जिले के लोगों ने वर्ष 2018 में करीब 40 लाख रुपये गंवाए हैं। 2018 में इस तरह के करीब 12 मामले मुख्य रूप से जिले के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज हुए हैं। इनके अलावा कई अन्य छोटी-मोटी ठगी के भी करीब एक दर्जन और अन्य मामले दर्ज हुए हैं। अपनी निजी जानकारी, एटीएम कार्ड पिन, बैंक डिटेल साझा करने या सोशल मीडिया के तहत अपनी जानकारी देने के कारण जिले के सात लोग ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए हैं। इन्होंने करीब 26 लाख रुपये गंवाए हैं।
वहीं नौकरी के झांसे में आकर पांच लोगों ने 14 लाख रुपये गंवाए हैं। सभी लोगों ने करीब 40 लाख रुपये ठगी का शिकार होकर गंवाए हैं। वहीं, एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस ने इस साल में 52 मामलों में दो महिलाओं सहित कुल 59 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हमीरपुर में स्मैक सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी को भी करीब आधा किलोग्राम स्मैक के साथ धरा है। हालांकि, पूर्व के वर्ष 2017 में एनडीपीएस के कुल 38 मामले दर्ज किए थे। इस साल पुलिस ने नशे के खिलाफ सक्रियता दिखाते हुए 52 मामलों में 59 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत हमीरपुर थाने में 23 मामले, बड़सर में पांच, भोरंज में चार, नादौन में 13 और सुजानपुर थाने में सात मामले दर्ज हुए हैं।
कौन सा नशा कितनी मात्रा में पकड़ा गया
चरस - 4.13 किलोग्राम
अफीम - 278 ग्राम
स्मैक - 654.88 ग्राम
पुलिस अधीक्षक हमीरपुर रमन कुमार मीणा का कहना है कि जिले के सभी थानों में ऑनलाइन व नौकरी के लिए ठगी के 12 मामले आए हैं। जिसमें लोगों ने करीब 40 लाख रुपये गंवाए हैं। एसपी ने लोगों से अपनी निजी जानकारी, बैंक डिटेल, एटीएम पिन किसी भी लालच में आकर किसी के साथ साझा न करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ठगी के शिकार पढ़े लिखे लोग भी हो रहे हैं। इसलिए किसी से भी अपनी कोई भी जानकारी साझा न करें।