फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डाइट प्रिंसिपल की कुर्सी के लिए मचा बवाल

विज्ञापन
cm chair
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हमीरपुर। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) वर्तमान में जंग का अखाड़ा बन चुका है। यहां पर एक ही पद पर दो प्रिंसिपल हो गए हैं। इससे संस्थान में कार्यरत स्टाफ असमंजस की स्थिति में है। इसके साथ ही जिलेभर के शिक्षा खंडों के तहत कार्यरत खंड स्रोत समन्वयकों (बीआरसी) को भी समझ नहीं आ रहा है कि वे किसके आदेशों को मानें और किसके आदेशों को नजरअंदाज करें। चूंकि सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान दोनों के परियोजना अधिकारी डाइट प्रिंसिपल होते हैं। इन दोनों अभियानों के तहत स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं समेत अन्य स्कीमों के तहत पुस्तकें, पुस्तकालय और साइंस लैब आदि के लिए बजट उपलब्ध करवाया जाता है। वहीं, उच्चतर शिक्षा विभाग के उपनिदेशक सोमदत्त सांख्यान ने प्रदेश उच्च न्यायालय और प्रशासनिक ट्रिब्यूनल दोनों के आदेशों के बाद राजेंद्र पाल के पक्ष में आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राजेंद्र पाल 13 मार्च के आदेशों के तहत इस पद पर बने रहेंगे। जबकि, जगदीश कौशल इस पर नहीं रह सकते। चूंकि यह आदेश निदेशालय की ओर से दिए गए हैं। जबकि, कोर्ट के आदेशों का अंतिम फैसला आने के बाद आगामी आदेशों पर निर्णय होगा। शनिवार को शिक्षा विभाग जोन चार जिलों हमीरपुर, ऊना, कांगड़ा और चंबा जिले के सभी बीआसी की धर्मशाला में होने वाली बैठक में भाग लेने के लिए दोनों प्रिंसिपल रवाना हो गए हैं। इससे शिक्षा विभाग के खजाने को भी टीए और डीए के रूप में चपत लगने वाली है। उधर, शिक्षा उपनिदेशक ने इस पद पर क्लेरिफिकेशन भी जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत आगामी फैसले तक राजेंद्र पाल ही प्रिंसिपल के पद पर बने रहेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें