जाहू(हमीरपुर)। प्रदेश की पहली कंप्यूटरीकृत मेवा बमसन लगवालती पेयजल योजना दो विभागों के बीच छिड़ी जंग के कारण फेल होती नजर आ रही है। जिला के तीन विधानसभा क्षेत्रों भोरंज, हमीरपुर और सुजानपुर की करीब डेढ़ लाख आबादी को पेयजल की समस्या झेलनी पड़ रहा है। आईपीएच विभाग और बिजली बोर्ड के अधिकारी एक दूसरे पर खामियों का ठीकरा फोड़ रहे हैं।
आईपीएच विभाग के अधिकारी वोल्टेज के कम होने को समस्या और बिजली बोर्ड वोल्टेज का कम होने की बात को खारिज करके पानी का सही वितरण न होने को पेयजल का संकट बता रहे हैं। एक सप्ताह से नलों में पानी न आने से भोरंज में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर से स्वयं योजना का निरीक्षण करने और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
इस योजना से 1 करोड़ लीटर प्रतिदिन पानी लिफ्ट किया जाता है। योजना से सुजानपुर और इसके बाद बौडू पेयजल योजना में पानी को डाला गया है। उपमंडल भोरंज की 33 पंचायतों के ग्रामीणों को 60 लाख लीटर पानी प्रतिदिन देने की व्यवस्था की गई है। जाहू पंचायत के प्रधान राजू, मुंडखर पंचायत के प्रधान प्रकाश चंद, संजीव अंगारिया, विजय कुमार, विरेंद्र डोगरा, रणजीत सिंह, नरेश ठाकुर, सुरेंद्र कुमार, धर्मदास का कहना है कि ग्रामीण पेयजल समस्या से कई दिनों से परेशान हैं। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग भोरंज उपमंडल के सहायक अभियंता अजय वर्मा का कहना है कि बड़ी योजना ऊहल उपमंडल के अधीन आती है। पानी न आने के पीछे कम वोल्टेज की समस्या बताई जा रही है। ग्रामीण विजय कुमार, धर्मपाल, कांशी राम, कृष्ण चंद, अमीं चंद, अनंत राम, कर्म चंद, पवन कुमार, शेर सिंह, विनोद, किशोर चंद, जगदीश चंद, पिंकी देवी, शकुंतला देवी, कमला देवी, विमला देवी, चिंती देवी, अमर सिंह सहित अन्य लोगों ने जिलाधीश से मांग की है कि योजना का निरीक्षण करके लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए अन्यथा ग्रामीण आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
क्या कहते हैं ऊहल उपमंडल के सहायक अभियंता
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग ऊहल के सहायक अभियंता कमलेश कुमार का कहना है कि योजना से एक करोड़ पानी लिफ्ट किया जाता है और मोटरें 12 घंटे से अधिक समय चलती हैं। उन्होंने कहा कि 60 लाख लीटर पानी अवाहदेवी से भोरंज उपमंडल को दिया जाता है। अजय ने कहा कि पानी को उठाने के लिए चार पंप चलाए जाते हैं। इनको चलाने के लिए 440 वोल्टेज की आश्यकता है, लेकिन वोल्टेज की समस्या के कारण कभी कभी पूरी पंपिंग नहीं हो रही है।
क्या कहते हैं बिजली बोर्ड उपमंडल कक्कड़ के सहायक अभियंता
बिजली बोर्ड उपमंडल कक्कड़ के सहायक अभियंता विधेश चंद का कहना है कि कोई भी वोल्टेज की समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि एक दिन अधिशासी अभियंता और उन्होंने स्वयं रात को योजनाओं पर वोल्टेज का औचक निरीक्षण किया है। कहीं पर भी वोल्टेज की समस्या नहीं है। विधेश ने कहा कि आईपीएच विभाग अपनी तकनीकी खामी को ढूंढने की बजाय बिजली बोर्ड पर दोष लगा रहा है।