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शबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से हिंदुओं की भावनाएं आहत : डॉ. चंद्र

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हमीरपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हिमाचल प्रांत के सह प्रांत कार्यवाह डॉ. चंद्र प्रकाश और जिला प्रचार प्रमुख राकेश शर्मा ने मंगलवार को हमीरपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ग्वालियर में संपन्न हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि वर्ष में एक बार होने वाली इस सभा में जहां संगठनात्मक कार्य पर चर्चा और समीक्षा होती है, वहीं समाज के समसामयिक विषयों पर भी चिंतन, मंथन होता है। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा ने इस वर्ष सामाजिक विषयों पर दो प्रस्ताव पारित किए हैं। पहला प्रस्ताव भारतीय परिवार व्यवस्था और दूसरा हिंदू समाज की परंपराओं व आस्थाओं के रक्षण की आवश्यकता से संबंधित रहा है।
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उन्होंने कहा कि परिवार व्यवस्था हमारे समाज का मानवता को दिया हुआ अनमोल योगदान है। अपनी विशेषताओं के कारण हिंदू परिवार व्यक्ति को राष्ट्र से जोड़ते हुए वसुधैव कुटुंबकम तक ले जाने वाली यात्रा की आधारभूत इकाई है। परिवार व्यक्ति की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा की संपूर्ण व्यवस्था के साथ-साथ नई पीढ़ी के संस्कार निर्माण एवं गुण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। परंतु आज हमारी परिवाररूपी यह मंगलमयी सांस्कृतिक धरोहर भोगवादी मनोवृत्ति एवं आत्मकेंद्रितता के बढ़ते प्रभाव से बिखरती हुई दिखाई दे रही है।
दूसरे प्रस्ताव में हिंदू समाज की परंपराओं और आस्थाओं के रक्षण की आवश्यकता पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का यह सुविचारित मत है कि अभारतीय दृष्टिकोण के आधार पर हिंदू आस्था और परंपराओं को आहत एवं इनका अनादर करने का एक योजनाबद्ध षड्यंत्र निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा चलता आ रहा है। सबरीमला मंदिर प्रकरण इसी षड्यंत्र का नवीनतम उदाहरण है। हिंदुत्व ईश्वर के एक ही स्वरूप अथवा पूजा पद्धति को स्वीकारने तथा अन्यों को नकारने वाला विचार नहीं है, अपितु संस्कृति के विविध विशेष रूपों में अभिव्यक्त होने वाला जीवन दर्शन है। इसका अनूठापन विविध पूजा पद्धतियों, स्थानीय परंपराओं और उत्सव, आयोजनों से प्रकट होता है। हमारी परंपराओं में विद्यमान विविधता के सौंदर्य पर नीरस एकरूपता को थोपना असंगत है। संपूर्ण हिंदू समाज आज एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति का सामना कर रहा है। केरल की सत्तारूढ़ वाम मोर्चा सरकार की ओर से पवित्र सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश के आदेश को लागू करने की आड़ में हिंदुओं की भावनाओं को कुचला गया है। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा देश के लोगों से सबरीमला बचाओ आंदोलन को हर प्रकार से समर्थन देने का आह्वान करती है। उन्होंने कहा कि इस बारे में संघ शीघ्र सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर करेगा।
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