हमीरपुर। ठाकुर राम सिंह प्रखर इतिहासविद और राष्ट्रचिंतक थे। वह निडर, निर्भीक, कर्मठ और तपस्वी व्यक्तित्व के स्वामी रहे। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर ने शनिवार को हमीरपुर के ठाकुर जगदेव चंद स्मृति शोध संस्थान नेरी में पश्चिमी हिमालय में पुरातात्विक अवशेष विषय पर आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद और ठाकुर राम सिंह राज्यस्तरीय जयंती समारोह को बतौर मुख्यातिथि संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारत पर राज करने वाले मुगलों और अंग्रेजों ने भारतीय इतिहास को विकृत किया। वामपंथी विचारधारा के इतिहासकारों ने इतिहास में देशभक्त क्रांतिकारियों को आतंकी बताने तक से गुरेज नहीं किया। भारत के रोल मॉडल्स और ऐतिहासिक शौर्य गाथाओं से रूबरू करवाना इतिहासकारों का दायित्व है। अनुराग ठाकुर ने शोध संस्थान में शोधार्थियों के लिए बनने वाले छात्रावास के लिए सांसद निधि से 25 लाख रुपये देने की घोषणा की।
साथ ही नेरी शोध संस्थान के लिए अपनी ओर से 11 हजार पुस्तकें देने और मोबाइल पुस्तकालय देने की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि नेरी शोध संस्थान को विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाए। अनुराग ने संस्थान से चयनित किए जाने वाले 3 इतिहास शोधकर्ताओं को फेलोशिप प्रदान करने की घोषणा भी की। प्रदेश तकनीकी विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में ठाकुर राम सिंह पीठ की स्थापना की जाएगी। ठाकुर राम सिंह इतिहास लेखन में भारतीय दृष्टि के हिमायती थे। विकृत इतिहास के लिए मैकाले की शिक्षा नीति और स्वतंत्रता के बाद कुंठित मानसिकता वाले भारतीय जिम्मेदार हैं। उन्होंने हिप्र में संस्कृत को द्वितीय भाषा का दर्जा देने का स्वागत करते हुए कहा कि नासा और जर्मनी ने संस्कृत भाषा को अपनाया है। सर्वश्रेष्ठ मस्तिष्क तभी तैयार होंगे जब उन्हें सही इतिहास पढ़ाया जाएगा। नेरी शोध संस्थान के समन्वयक चेत राम ने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक इतिहास लेखन की आधारशिला ठाकुर राम सिंह ने हमीरपुर में रखी थी। उनका व्यक्तित्व बहुत विशाल था और उन्होंने कई इतिहासकारों का मार्गदर्शन किया। संस्थान की ओर से प्रारंभ किए गए डॉ. एमएस आहलुवालिया स्मृति पुरस्कार से युवा इतिहासकार डॉ. राकेश शर्मा को नवाजा गया। प्रदेश कला संस्कृति और भाषा अकादमी के सचिव डॉ. कर्म सिंह, संस्थान के वैचारिक पक्ष प्रमुख डॉ. ओपी शर्मा, महासचिव भूमि दत्त शर्मा, आयोजन समन्वयक अंकुश भारद्वाज ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर एचपीएमसी के उपाध्यक्ष राम सिंह, एचआरटीसी के उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री, प्यारे लाल शर्मा, प्रेम सिंह भरमौरिया, प्रवीण भट्टी, सूर्यप्रकाश शर्मा, दानवेंद्र सिंह सहित अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।