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स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी को मिले दस लाख रुपये : डोगरा

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टौणीदेवी (हमीरपुर)। स्वतंत्रता सेनानी हरि सिंह की पत्नी रोशनी देवी को पति के निधन के 25 वर्ष बाद पेंशन के रूप में जमा करीब 10 लाख रुपये मिले हैं। इसके लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र सिंह डोगरा ने प्रयास किए। हमीरपुर जिले के गांव खनौली में जन्मे हरि सिंह नेताजी सुभाष चंद्र बोस कि अगुवाई वाली आजाद हिंद फौज (आईएनए) में शामिल थे और आजादी की लड़ाई के दौरान उनके घरवालों को उनका कुछ पता नहीं चला था। उसके बाद जब भारत आजाद हुआ तो वह अपनी बटालियन 1/14 पंजाब रेजिमेंट के साथ पंजाब के अमृतसर (छेहारटा) पहुंचे। जहां से उनके परिवार वालों को उन्होंने सूचना भेजी और उनके परिवार को पता चला कि हरी सिंह जिंदा हैं।
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आजाद हिंद फौज के बाद उन्हें पंजाब रेजिमेंट में शामिल कर लिया गया था। डोगरा ने बताया कि उस समय हिमाचल प्रदेश का जन्म नहीं हुआ था और आज का हिमाचल भी पंजाब में ही आता था। इसलिए हरि सिंह पंजाब के अमृतसर में ही काफी समय रहे और वहीं पर स्वतंत्रता सेनानी की पेंशन प्राप्त करते रहे। परंतु जब हिमाचल प्रदेश अलग राज्य बना तो उनका परिवार और वह हिमाचल में रहने लगा। लेकिन, पेंशन पंजाब के अमृतसर में ही लेने जाते रहे। वर्ष 1993 में हरि सिंह का उनके पैतृक गांव खनौली में निधन हो गया और उसके बाद से ही उनकी पत्नी बीमारी के चलते पेंशन लेने पंजाब न जा सकी। वर्ष 1997 में उनके पुत्र रविंद्र कुमार सेना से रिटायर होकर आए तो अपनी माता को लेकर ट्रेजरी ऑफिस अमृतसर गए। लेकिन, वहां उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। डोगरा ने बताया कि तब से लेकर सन 2017 तक रोशनी देवी और उनका बेटा रविंद्र कुमार स्वतंत्रता सेनानी पेंशन के लिए भटकते रहे। पिछले वर्ष रविंद्र सिंह डोगरा ने रोशनी देवी के परिवार से संपर्क किया और उनके हक के लिए लड़ाई लड़ी। डोगरा ने बताया कि इससे पहले भी वह इस तरह के दो केस जीत चुके हैं। जहां दस-दस लाख विधवाओं या आश्रितों को उन्होंने दिलवाया।
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