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गर्भ में मौत मामला : जांच रिपोर्ट अधूरी, प्रिंसिपल ने लौटाई फाइल

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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में गर्भवती महिला के गर्भ में हुई बच्चे की मौत के मामले में हुई जांच से मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सवाल उठाए हैं। जांच रिपोर्ट से नाखुश कॉलेज प्रशासन ने गायनी विभाग की विभागाध्यक्ष को दोबारा नए सिरे से जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश हुए हैं। पीड़ित महिला के भाई शुभम धीमान ने अस्पताल के मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए प्रधानाचार्य डॉ. अनिल चौहान, उपायुक्त हमीरपुर डॉ. रिचा वर्मा और स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार से इस मामले की लिखित में शिकायत की थी।
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शुभम ने आरोप लगाए थे कि उनकी बहन दीपिका कुमारी 9 महीने से गर्भवती थी और प्रसव के लिए उसे हमीरपुर अस्पताल में 21 अगस्त को भर्ती करवाया। सारे मेडिकल टेस्ट सही पाए गए। भाई ने आरोप लगाया कि 22 अगस्त रात को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर पैरा मेडिकल स्टाफ ने गायनी विशेषज्ञ को बुलाने के बजाय खुद घुटने से महिला का पेट दबाया, जिसके बाद बच्चे की मौत हो गई। गायनी विशेषज्ञ डॉ. मोनिका को सुबह तीन बजे इस मामले की सूचना देकर प्रसूति कक्ष में बुलाया गया। शिकायत के बाद कॉलेज प्रशासन ने इस मामले में जांच बिठाते हुए गायनी विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शर्मा को विशेषज्ञों की टीम गठित कर जांच के आदेश दिए थे। विशेषज्ञों की टीम ने जांच रिपोर्ट कॉलेज प्रशासन को सौंप दी है। लेकिन, प्रशासन ने इस रिपोर्ट को मानने से इंकार कर दिया।
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अब पोस्टमार्टम के बिना परिजनों को सौंप दिया शव
मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में बुधवार शाम को एक अन्य गर्भवती महिला वंदना कुमारी की अचानक मौत हो गई। लेकिन, अस्पताल प्रशासन ने बिना पोस्टमार्टम किए शव परिजनों को सौंप दिया। जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। फोरेंसिक विशेषज्ञ मानते हैं कि पोस्टमार्टम से मौत के सही कारणों का पता लगता है। महिला 4 सितंबर को अस्पताल में पत्थरी की दर्द पड़ने पर सर्जरी विभाग में भर्ती हुई थी। साथ ही वह छह माह से गर्भवती थी। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए खूब हंगामा किया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह ने खुद अस्पताल पहुंच मामला शांत करवाया। लेकिन, इस घटना के समय अस्पताल के चिकित्सक डिनर पार्टी में थे। पर्यटन निगम के होटल हमीर में हमीरपुर अस्पताल के नाम पर सितंबर 05, 2018 को करीब 25 हजार रुपये से अधिक का बिल कटा है। इस डिनर पार्टी में अस्पताल के 32 से अधिक स्टाफ सदस्य शामिल थे। लेकिन, अब अस्पताल प्रबंधन मीडिया में लिखित में पत्र जारी कर डिनर पार्टी होने से इंकार कर रहा है।
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बयान:
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के प्रधानाचार्य डॉ. अनिल चौहान का कहना है कि गर्भवती दीपिका कुमारी के गर्भ में 9 माह के बच्चे की मौत मामले में गायनी विभाग को जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट अधूरी है, जिसमें कई खामियां हैं। इसके चलते एचओडी को दोबारा जांच रिपोर्ट के लिए कहा है। वहीं बुधवार रात को हुई दूसरी महिला की मौत के मामले में सर्जरी विभाग के अध्यक्ष से रिपोर्ट मांगी गई है।
सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. मजैहल सिंह ने कहा कि प्रारंभिक जांच हो चुकी है। उन्होंने माना कि परिजनों ने मृतक महिला का पोस्टमार्टम नहीं करवाया है।

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि अस्पताल की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है। वहीं उन्होंने कहा कि मृतक महिला के परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की थी। लेकिन, बुधवार को अस्पताल की ओर से कोई डिनर पार्टी नहीं थी। उन्होंने बताया कि महिला को पत्थरी थी और पीलिया से भी पीड़ित थी।
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