हमीरपुर। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग अब ऑन डिमांड हैंडपंप लगाएगा। विभाग ने सालाना लक्ष्य के आधार पर हैंडपंप स्थापित करने की प्रक्रिया को खत्म कर दिया है। गर्मियों में जिलाभर में गहराए पेयजल संकट से निपटने के लिए अब विभाग सूखाग्रस्त इलाकों में जरूरत के हिसाब से हैंडपंप लगाएगा। अमर उजाला ने पानी का मोल मुहिम के तहत जिलाभर के सूखाग्रस्त इलाकों में लोगों की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। जिसके बाद विभाग ने ऑन डिमांड हैंडपंप लगाने का निर्णय लिया है। वर्तमान में आईपीएच आईपीएच जोन हमीरपुर के तहत करीब 85 हैंडपंप ऐसे हैं, जिनका पानी पीने लायक नहीं है।
इन हैंडपंप से जंगयुक्त दूषित एवं मटमैला पानी निकल रहा है। जिसके सेवन से लोग बीमार पड़ सकते हैं। विभाग ने इन हैंडपंपों का बंद कर दिया है। इसके अलावा जोन के तहत 28 हैंडपंपों को तकनीकी खराबी के कारण स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। 28 हैंडपंप अस्थायी रूप से बंद हैं, जिन्हें शीघ्र चालू करने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। जनवरी माह से लेकर जून माह तक विभाग ने पेयजल संकट ग्रस्त इलाकों में 28 नए हैंडपंप स्थापित कर दिए हैं। वर्तमान में जोन के तहत हैंडपंपों की संख्या 2079 पहुंच गई है।
पांच लाख लीटर कम हो रही आपूर्ति
हमीरपुर कस्बा में 60 लाख लीटर पानी की डिमांड है। वर्तमान में लौंगनी स्थित पेयजल स्कीम से 50 लाख लीटर, जबकि हथली खड्ड स्थित पेयजल स्कीम से 10 लाख लीटर पानी की आपूर्ति हो रही है। गर्मियों के चलते पानी का जलस्तर कम हुआ है। जिस कारण कस्बा में पांच लाख लीटर पानी कम आपूर्ति हो रही है।
आईपीएच जोन हमीरपुर के तहत 28 नए हैंडपंप स्थापित कर दिए हैं। अब विभाग ने ऑन डिमांड हैंडपंप स्थापित करने का निर्णय लिया है। टारगेट आधार पर हैंडपंप लगाने की प्रक्रिया को विभाग में खत्म कर दिया गया है। जिला में नियमित पेयजल आपूर्ति को सुचारु करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
-आरके महाजन, मुख्य अभियंता, आईपीएच जोन हमीरपुर।