हमीरपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक राजकीय महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 17 नए पाठ्यक्रमों को मंजूरी मिल गई है। हालांकि, पहले से संचालित कई विभागों में प्राध्यापकों के पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण विद्यार्थियों के सामने दाखिले को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
रुचि होने के बावजूद कई छात्र-छात्राएं संबंधित विषयों में प्रवेश लेने से हिचक रहे हैं। महाविद्यालय प्रशासन ने अस्थायी व्यवस्था के तहत रिक्त पदों पर सेवानिवृत्त प्राध्यापकों की सेवाएं ली हैं।
समाजशास्त्र विभाग में प्राध्यापक का पद पिछले तीन वर्षों से रिक्त है, जहां एक सेवानिवृत्त प्राचार्य विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। वहीं, हिंदी विभाग में भी सेवानिवृत्त प्राध्यापक के माध्यम से शिक्षण कार्य कराया जा रहा है।
वर्तमान में महाविद्यालय के 15 विभागों में प्राध्यापकों के पद खाली हैं। लंबे समय से इन पदों पर नियमित नियुक्तियां नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और शैक्षणिक मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है।
शिक्षकों की कमी से न केवल शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, बल्कि विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा और कॅरिअर की संभावनाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अभिभावकों और विद्यार्थियों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि रिक्त पदों पर शीघ्र नियमित नियुक्तियां कर महाविद्यालय में शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाए।
बाक्स:
विभाग
पद
रिक्त
अंग्रेजी
चार
एक
वनस्पति विज्ञान
चार
एक
भूगोल
दो
एक
हिंदी
चार
तीन
समाजशास्त्र
दो
दो
कामर्स
चार
एक
संगीत-एक
एक
एक
रसायन विज्ञान
आठ
दो
अर्थशास्त्र
तीन
एक
इतिहास
दो
एक
राजनीति शास्त्र
दो
एक
कोट
रिक्त पदों के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। शीघ्र ही पदों पर नियुक्तियां होगी। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानी नहीं होगी।
-डॉ. सतीश सोनी, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर