नादौन (हमीरपुर)। शहरी विकास विभाग की ओर से जारी स्वच्छता आंकड़ों में नगर पंचायत नादौन के फिसड्डी प्रदर्शन को लेकर मचा घमासान रुकने का नाम नहीं ले रहा। इस मामले को लेकर नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष सहित पूर्व पार्षदों और मनोनीत पार्षदों ने वर्तमान पार्षदों से नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र देने की मांग की है। शहरी भाजपा अध्यक्ष श्याम सोनी, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष तरसेम कपिल, पूर्व उपाध्यक्ष तरुण कपिल, शहरी भाजयुमो अध्यक्ष शुभम कपिल और जिला उपाध्यक्ष संदीप भाटिया, मनोनीत पार्षद योगराज व मनोज, पूर्व पार्षद रमा जैन और कल्पना देवी आदि का कहना है कि नगर पंचायत का सफाई के मामले में चौथे स्थान से 47वें स्थान पर आना चिंतनीय है। इससे नगर पंचायत की कार्यप्रणाली का पता चलता है।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में 29 नगर परिषदें तथा 23 नगर पंचायतें हैं। ऐसे में कुल 52 में से 47वें स्थान पर आने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर की सफाई व्यवस्था का क्या हाल है। उन्होंने कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है। हर माह नादौन शहर के सात वार्डों की सफाई व्यवस्था ठीक करने के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये का खर्च किया जाता है। लेकिन, प्रत्येक वार्ड के लोगों की एक ही शिकायत रहती है कि उनके वार्ड में सफाई ठीक से नहीं हो रही है। शहर में बनी नालियां लबालब गंदगी से भरी हैं। जिनकी सफाई नियमित तौर पर नहीं की जाती है। इसके लिए नगर पंचायत के सातों पार्षदों को नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे देना चाहिए। नगर पंचायत अध्यक्ष को भी इसकी जिम्मेदारी लेकर त्यागपत्र देना चाहिए।