बिझड़ी (हमीरपुर)। आयुर्वेदिक अस्पताल बिझड़ी में लोगों की सुविधा के लिए दान में दिया गया कूलर बजरी के ढेर में जंग खा रहा है। लगभग चार करोड़ की लागत से बन रहे आयुर्वेदिक अस्पताल बिझड़ी का कार्य जोरों पर है। लेकिन, कार्य के दौरान दान में दी गई संपत्ति की संभाल और रखरखाव को लेकर न तो संबंधित विभाग गंभीर है और न ही कार्य में लगे लोग। हालत यह है कि अस्पताल के बाहर मरीजों और आम लोगों की सुविधा के लिए लगाया गया वाटर कूलर बजरी और पत्थरों के ढेर के बीच दब गया है।
इस कूलर से रोज सैकड़ों लोग अपनी प्यास बुझाते थे लेकिन, जब से अस्पताल भवन का काम चला है तब से इस कूलर की हालत खस्ता हो गई है। अस्पताल प्रबंधन और संबंधित ठेकेदार ने इस कूलर को हटाकर सुरक्षित जगह रखना भी मुनासिब नहीं समझा है। लोगों में प्रीतो देवी, चंदू लाल, सुलोचना देवी, पवन कुमार, दीना नाथ आदि ने कहा कि अगर कार्य शुरू करने से पहले ही इसे किसी सुरक्षित जगह पर रखवा दिया जाता तो इसे दोबारा इस्तेमाल में लाया जा सकता था। लोगों ने संबंधित विभाग से दान में दी गई वस्तुओं को सहेज कर रखने का आह्वान किया है।