हमीरपुर। राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद की राज्यस्तरीय बैठक रविवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाल हमीरपुर में प्रदेशाध्यक्ष डा. मनोज शैल की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रदेश संरक्षक डा. राजेंद्र प्रसाद शर्मा विशेष रूप उपस्थित रहे। बैठक में प्रदेश के आठ जिलों के करीब 60 प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इस दौरान सर्वसम्मति से एक स्वर में मांग उठाई गई कि शास्त्री अध्यापकों पर जो डीएलईडी की शर्त थोपी गई है उसे हटाकर सरकार शास्त्री अध्यापकों को बीएड करवाए। क्योंकि शास्त्री उपाधि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अनुसार स्नातक के समकक्ष है।
शास्त्री अध्यापक कक्षा दसवीं तक पढ़ाते हैं और उनके लिए शिक्षा का अधिकार नियम के तहत बीएड होना अनिवार्य है। इसके साथ ही शास्त्री अध्यापकों की पदोन्नति, जो शास्त्री डीएलईडी कर रहे हैं उन्हें शिक्षा विभाग की तरफ से विशेष अवकाशों का प्रावधान करना आदि मांगे उठाई गईं। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला स्तर पर परिषद के बैंक खाते खोले जाएंगे ताकि, धन के मामले में पारदर्शिता बनी रहे। इसके साथ ही निर्णय लिया गया कि खंड स्तर, जिला स्तर और राज्य स्तर पर त्रैमासिक बैठक होगी ताकि भविष्य की कार्य योजना पर सकारात्मक मंथन किया जा सके। इस मौके पर प्रदेश महासचिव अमित शर्मा, कोषाध्यक्ष सोहन लाल, रमेश रणौत, सुनील कुमार, श्रीराम, महेंद्र, रजनीश आदि उपस्थित रहे।