सुजानपुर (हमीरपुर)। धौलासिद्ध हाइडल पावर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही विवाद शुरू हो गया है। परियोजना प्रभावित लोगों ने दो टूक कहा है कि जब तक सरकार इस प्रोजेक्ट से प्रभावित होने वाले लोगों से बैठकर उचित मुआवजे पर बातचीत नहीं करती, तब तक इस प्रोजेक्ट का कार्य शुरू होने नहीं दिया जाएगा। यह फैसला धौलासिद्ध हाइडल पावर प्रोजेक्ट परियोजना प्रभावित वेलफेयर सोसायटी की बैठक में लिया गया। बैठक का आयोजन सुजानपुर में स्थित सोसाइटी कार्यालय वार्ड नंबर 7 में किया गया।
सोसायटी के प्रधान दलजीत सिंह राणा की अध्यक्षता में बैठक की गई। जिसमें परियोजना प्रभावित 18 पंचायतों के लोगों ने भाग लिया और एक स्वर में सर्वसम्मति से कहा गया कि धौलासिद्ध हाइडल पावर प्रोजेक्ट का कार्य तब तक शुरू नहीं होने दिया जाएगा। जब तक इस प्रोजेक्ट से प्रभावित होने वाले परिवारों से सरकार बैठकर बातचीत नहीं करती। सोसायटी के प्रधान ने बताया कि धौलासिद्ध हाइडल पावर प्रोजेक्ट जहां पर लगना है, उससे हमीरपुर और कांगड़ा जिले की 18 पंचायतें प्रभावित होंगी। ऐसे में सरकार उन परियोजना प्रभावित परिवारों के लिए क्या करने वाली है, इस बारे में बताया जाए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट का कार्य शुरू होने से पहले परियोजना प्रभावित सभी पंचायत प्रतिनिधियों से बैठकर बातचीत की जाए और उसके बाद इसका कार्य शुरू किया जाए। बैठक में यह भी कहा गया कि जिस तरह से पौंग डैम विस्थापित आज अपने हक को पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, कहीं आने वाले समय में इस प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों का भी यही हाल न हो। ऐसे में सरकार को इसके बारे में सोचना चाहिए। अध्यक्ष ने बताया कि धौलासिद्ध हाइडल पावर प्रोजेक्ट परियोजना प्रभावित वेलफेयर सोसायटी सरकार की ओर से वर्ष 2013 से पंजीकृत की गई है। जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर सोसायटी एक्ट 2006, 676/ 2013 पंजीकृत है। सोसायटी के प्रधान दिलजीत सिंह राणा ने बताया कि परियोजना प्रभावित लोगों ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस पावर प्रोजेक्ट का कार्य लगने से पहले परियोजना प्रभावित परिवारों से बैठकर बातचीत की जाए। उचित मुआवजे पर लोगों को बताया जाए कि उन्हें पुनर्वास के तहत क्या मुआवजा मिलेगा। अगर सरकार मुआवजा और पुनर्वास की ठोस योजना नहीं बनाती है तो पावर प्रोजेक्ट का कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।