हमीरपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम में निजीकरण के फैसले पर सर्वकर्मचारी यूनियन भड़क गई है। यूनियन ने प्रदेश सरकार के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। यूनियन के अध्यक्ष किशोरी कुमार, उपाध्यक्ष दिनेश कुमार, प्रधान राजू राम शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान सतीश कुमार शर्मा, महासचिव सुरेंद्र पटियाल, संगठन मंत्री जसवीर पटियाल, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार, सह सचिव रवि ठाकुर, सलाहकार राजीव राणा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सोनी कुमारी, विजय कुमार, बलवीर, सुनील, विकास, ओंकार चंद, चैन सिंह, पुरुषोत्तम, वीरेंद्र, संजीव कुमार, विनोद, अश्वनी, योगराज, केवल शर्मा, बलदेव और हेमराज, चालक यूनियन के महासचिव जगरनाथ और प्रधान पवन कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार निगम में निजी क्षेत्र में टीएमपीए नियुक्त करने जा रही है, जोकि कर्मचारियों व बेरोजगारों के साथ धोखा है।
इस निर्णय से निगम घाटे की ओर अग्रसर होगी और बेरोजगारों का शोषण होगा। ठेके पर रखे जाने वाले कर्मचारी कभी भी अपने ड्यूटी जिम्मेवारी के साथ नहीं दे सकते। इससे एचआरटीसी में सुधार के बजाय नुकसान होगा। यूनियन ने कहा कि प्रदेश सरकार पंजाब रोडवेज की तरफ ध्यान देकर निर्णय लें। उन्होंने कहा कि जब पंजाब में निजीकरण लागू हुआ तो एक समय ऐसा आया कि पंजाब रोडवेज की बसें खड़ी होने की कगार पर पहुंच गई थीं। यूनियन ने मांग की है कि प्रदेश हित को ध्यान में रखते हुए निजीकरण के फैसले को वापस ले। इसके साथ नियमों के तहत निगम में चालकों व परिचालकों की भर्तियां होनी चाहिए।