हमीरपुर। जिलाभर में शनिवार शाम को तेज तूफान से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। तूफान के कारण पूरा शहर धूल और मिट्टी की चपेट में आ गया। तूफान शुरू होते ही जिला मुख्यालय सहित अन्य कस्बों में बिजली गुल रही। इस कारण लोगों के कार्य प्रभावित हुए। इसके अलावा अचानक चले तूफान के कारण जिला मुख्यालय के एक शेड की टीन की चादरें उड़ गई। गनीमत रही कि इन चादरों की चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया। मिट्टी और धूल से लोगों की आंखें भर गई। शाम चार बजे ही तूफान से अंधेरा हो गया।
तूफान से बचने के लोगों को दुकानों की शरण लेनी पड़ी। वहीं दुकानदारों ने भी समय से पहले ही दुकानों में शट्टर लगा दिए। तेज तूफान के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं मौसम की इस करवट से लोगों को तेज गर्मी से भी राहत मिली है। शनिवार को दोपहर तक पहले लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ा। इसके बाद शाम चार बजे के बाद तेज तूफान को झेलना पड़ा। तेज तूफान के कारण कोई भी व्यक्ति दुकानों या घर से बाहर नहीं निकला। लोग तूफान के कारण घरों में ही दुबके रहे। बिजली उपमंडल दो के एसडीओ राकेश कुमार वर्मा का कहना है कि 132 केवी सब स्टेशन में तकनीकी खराबी आने के कारण बिजली बाधित रही। उसके बाद बिजली बहाल कर दी गई। इसके बाद दोबारा तूफान के कारण बिजली लाइन पर पेड़ की टहनी गिरने से बिजली बंद हुई। कर्मचारियों ने तूफान में भी उक्त लाइन की रिपेयर की। शाम को बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।