अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर।
क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर की बालकनी की टूटी रेलिंग हादसों को न्योता दे रही है। अस्पताल में सर्दियों के दिनों में मरीज और तीमारदार धूप सेंकने के लिए बालकनी में बैठते हैं। बालकनी की रेलिंग टूटी हुई होने के कारण हादसों का अंदेशा बना रहता है।
कई बार बच्चे और बुजुर्ग टूटी हुई रेलिंग के कारण गिरने से बचे हैं। लोग एकदम से बालकनी में आते हैं लेकिन बालकनी की रेलिंग टूटी हुई होने के कारण नीचे गिरने से बाल-बाल बचते हैं। शनिवार को भी अस्पताल में आए मरीजों में से एक महिला बालकनी की ओर निकली। जैसे ही वह रेलिंग को पकड़ कर बैठने लगी तो रेलिंग टूटी होने के कारण वह दो मंजिल की ऊंचाई से नीचे गिरने से बची। लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से बालकनी में लगाई गई रेलिंग की मरम्मत करने की मांग उठाई है।
अस्पताल से बाहर निकलते ही चौक पर बने रेन शेल्टर के पास बिजली के खंभे पर तारों के जाल से भी हादसों का खतरा बना रहता है। रेन शेल्टर में रोजाना सैकड़ों लोग विश्राम के लिए बैठते हैं। खंभे के पास बने तारों के गुच्छे में कुछेक तारें नंगी हैं। इससे रेन शेल्टर में बैठने वाले लोगों को हादसा होने का डर लगा रहता है। लोगों ने बिजली बोर्ड से रेन शेल्टर के पास लगे खंभे को शिफ्ट करने की मांग उठाई है। उधर, एमएस डॉ. अर्चना सोनी का कहना है कि समस्या का जायजा लेकर उसका समाधान कर दिया जाएगा। बिजली बोर्ड के एसडीओ राकेश वर्मा का कहना है कि बिजली के पोल में तारों के गुच्छे की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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