बड़सर(हमीरपुर)।
उपमंडल में यात्री जान जोखिम में डालकर बसों की छत पर सफर करने का मजबूर हैं। प्रशासन की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ सकती है। पहाड़ी क्षेत्र में बसों के कई हादसे हो चुके हैं तथा हादसों में कई जानें जा चुकी हैं। क्षेत्र में ओवर लोडिंग बसों को आम देखा जा सकता है। बेखौफ होकर नियमों की खुलेआम हो अवहेलना की जा रही है।
चिंता की बात है कि कई हादसों के बावजूद कई बसों में ठूंस-ठूंस का सवारियां भरी जा रही हैं। कई बसों की छतों में सवारियां बैठी हुई देखी जा सकती हैं। प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। मैहरे में ओवरलोडिंग और बसों की छत पर सफर करते हुए आम देखा जा सकता है।
क्षेत्र के लोगों रमन कुमार, विपिन कुमार, अजीत कुमार, दीपक, बलबीर सिंह, कमलजीत सिंह, सुरेश कुमार, सुमन कुमार तथा प्रवेश का कहना है कि बसों की छतों पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है। कई बसों में प्रेशर हॉर्न लगाए हैं, जबकि कई बसों में फर्स्ट एड बॉक्स तक उपलब्ध नहीं है, लेकिन प्रशासन बसों की जांच करने की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
प्रशासन को बसों की निगरानी रखने की आवश्यकता है। प्रशासन को इस ओर ध्यान दे, तो हादसे रुक सकते हैं। उधर, आरटीओ डॉ. विक्रम महाजन का कहना है कि प्रशासन की ओर से समय-समय बसों की निगरानी की जाती रही है तथा यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान किए जाते हैं।