हमीरपुर। केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के गृह जिला हमीरपुर को इस बार केंद्र की मोदी सरकार के बजट सत्र से काफी उम्मीदें हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का सीधा संबंध हमीरपुर से है। जिसके चलते न केवल हमीरपुर बल्कि पूरे प्रदेश को वित्तीय पैकेज की उम्मीद बंधी है। यहां के व्यापारी, किसान, युवा, आम आदमी समेत हर वर्ग की नजर केंद्र सरकार के बजट पर टिकी हैं।
साथ ही जो वायदे मोदी सरकार ने चुनावों से पूर्व किए थे, उनके पूरा होने की भी आस लगाई है। कई प्रोजेक्ट जो अधूरे पड़े हैं, उनके पूरा होने की उम्मीद है। वहीं, युवा बीते कार्यकाल के दौरान की गई नौकरियों की घोषणाएं महज कागजों में ही सिमट कर रह जाने से खफा है। किस को क्या सौगात मोदी सरकार से मिलती है, इसका पता शुक्रवार को चलेगा। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में एम्स, मेडिकल कालेज, हाइड्रो इंजीनियरिंग कालेज, ऊना में पीजीआई का सेटेलाइट सेंटर, हमीरपुर-ऊना रेललाइन, ट्रिपल आईटी ऊना, हमीरपुर में औद्योगिक क्षेत्र के विकास, फोरलेन और नए नेशनल हाइवे समेत कई बड़े प्रोजेक्टों के लिए केंद्र से बजट की आवश्यकता है।
जीएसटी में कई जटिलताएं : जगोता
हिमाचल प्रदेश व्यापार मंडल के महासचिव अश्वनी जगोता ने कहा कि वर्तमान में व्यापारी मंदी की मार झेल रहा है। इसके लिए सरकार को कोई प्रावधान करना चाहिए। वहीं इनकम टैक्स स्लैब पूरी तरह से पांच लाख होना चाहिए। जीएसटी में कई जटिलताएं हैं, इसका भी सरलीकरण होना चाहिए। मंत्री अनुराग ठाकुर से प्रदेश को बजट में सौगातें मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा, स्वास्थ्य के बजट में हो बढ़ोतरी : मुनीष
मुनीष शर्मा का कहना है कि सरकार की कई घोषणाएं जो बीते बजट में हुई थी, वह पूरी नहीं हो पाई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा के बजट में बढ़ोतरी करनी चाहिए। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अधिक बजट उपलब्ध करना चाहिए।
किसानों के नुकसान की भरपाई को हो बजट: चेतन
चेतन का कहना है कि प्रदेश सहित कई ऐसे राज्य हैं जहां पर लोग कृषि पर निर्भर हैं। किसानों को मोदी सरकार से इस बार खासी उम्मीदें हैं। सरकार को चाहिए कि कृषि और बागवानी करने वाले किसानों और बागवानों को नुकसान की भरपाई के लिए अलग से बजट उपलब्ध करवाना चाहिए।
युवाओं को रोजगार मिले, महज वायदे नहीं : सेठी
युवा संजीव सेठी का कहना है कि युवाओं को इस बार मोदी सरकार से रोजगार की उम्मीद है। बीते कार्यकाल में नौकरियों का वायदा कर जो सरकार ने युवाओं के साथ छल किया है, उससे युवाओं में रोष है। सेठी ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों सहित सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्र में रोजगार सृजन हो।
औद्योगिक इकाइयां हों शुरू : राणा
सतीश राणा का कहना है कि आम आदमी को उसके दिनचर्या की प्रयोग की चीजों पर जीएसटी का असर नहीं पड़ना चाहिए। जिला में औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर आम लोगों को उसमें रोजगार देना चाहिए। बजट में विशेष प्रावधान कर आम आदमी के लिए अनाज व अन्य प्रयोग की चीजें सस्ती करनी चाहिए।
महिलाओं को ध्यान में रखकर बजट हो पेश : निशा
निशा का कहना है कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में बजट में विशेष प्रावधान करना चाहिए। गृहिणियों को इस बजट से उनके बजट पर असर नहीं पड़ना चाहिए। रोजमर्रा की वस्तुओं का मूल्य बढ़ना नहीं चाहिए। बजट महिलाओं को ध्यान में रखकर पेश करना चाहिए।