नादौन (हमीरपुर)। आयुर्वेदिक विभाग के हेल्थ केंद्रों में तैनात एएनएम, एमपीडब्ल्यू हेल्थ वर्कर्स को बदल कर आयुर्वेदिक अस्पतालों में जीएनएम के पदों पर तैनात कर देने से इस वर्ग में भारी रोष है। इस वर्ग के परिजनों राम लाल, मनोज, ज्ञान चंद, राम स्वरूप, प्रकाश चंद, चमन लाल, विमला देवी, सुलेखा देवी, मनोरमा देवी, जीवना देवी, आशा कुमारी, लीला देवी आदि ने बताया कि पूरे प्रदेश में इस वर्ग के केवल तीन सौ के करीब कर्मचारी हैं, जबकि जिला हमीरपुर में इनकी संख्या करीब 13 है।
करीब बीस वर्ष तक इन महिलाओं ने बतौर हेल्थ वर्कर आयुर्वेदिक विभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित केंद्रों में कार्य किया है, परंतु अब उन्हें सरकार ने जीएनएम के पदों पर इसी विभाग के अस्पतालों में नियुक्त कर दिया है। जिन पदों पर इन्हें लगाया गया है उनके कार्य के लिए वह प्रशिक्षित ही नहीं हैं। वहीं ऐसे अस्पतालों में अधिक कार्य न होने के कारण उन्हें अधिकतर समय बिना कार्य के ही रहना पड़ रहा है। इन लोगों की मांग है कि या तो इन महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग में नियुक्त किया जाए या फिर वापस इन्हें ग्रामीण आयुर्वेदिक केंद्रों पर ही नियुक्त किया जाए।