हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में बिस्तर न मिलने के कारण गर्भवती महिला फर्श पर ही लेटी रही। अस्पताल में बिस्तर के अभाव में उसे फर्श पर ही लेटना पड़ा। सोमवार रात को भर्ती हुई गर्भवती को गायनी विभाग के किसी भी वार्ड में खाली बिस्तर नहीं मिला। हालांकि, रात को महिला आपातकालीन कक्ष में रहीं लेकिन, जब सुबह उसे दाखिल होने के लिए वार्ड में भेजा गया तो सभी वार्ड फुल थे और महिला को वार्डों में जगह नहीं मिली। महिला के परिजनों ने इस बात को लेकर अस्पताल स्टाफ के साथ भी बात की लेकिन, किसी ने कोई परवाह नहीं की। गर्भवती की तबीयत खराब होने के चलते महिला के परिजनों ने फर्श पर ही बिस्तर लगाकर महिला को वहां लेटा दिया। करीब तीन घंटे तक गर्भवती वहीं लेटी रही और परिजन उसके साथ वहीं बैठे रहे।
हमीरपुर में नाम का मेडिकल कॉलेज तो चल रहा है लेकिन, यहां सुविधाएं नाममात्र ही हैं। उद्घाटन के छह माह के बाद भी अस्पताल के 300 बेड के नए भवन का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। वहीं अस्पताल में मरीजों को बेड तक नसीब नहीं हो रहे हैं। कई बार अस्पताल में एक बेड पर दो-दो मरीज भी भर्ती करने पड़ रहे हैं। मंगलवार सुबह अस्पताल में बिस्तर न मिलने के कारण गर्भवती को ठंड के मौसम में भी फर्श पर लेटना पड़ा। जो मेडिकल कॉलेज में शर्मनाक बात है। अस्पताल के गायनी विभाग में वर्तमान समय में एक सौ से ज्यादा गर्भवती महिलाएं दाखिल रह रहीं है। जिनका जिम्मा एक समय पर महज एक स्टाफ नर्स उठा रही है। ऐसे में अस्पताल में उपचार को आए लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस संबंध में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. अनिल वर्मा का कहना है कि गायनी विभाग में आजकल ज्यादा गर्भवती महिलाएं आ रही हैं। विभाग को ऐसी स्थिति में आपातकालीन कक्ष का प्रयोग करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही गर्भवती को बिस्तर उपलब्ध करवा दिया गया है।