हमीरपुर। शहर का स्वरूप बदलने और ऐतिहासिक धरोहरों को संजाेने के लिए 150 करोड़ रुपये के प्रस्तावित प्रोजेक्ट का खाका नगर निगम और जिला प्रशासन हमीरपुर ने तैयार कर लिया है। अणु चौक से लेकर दोसड़का तक हर ऐतिहासिक महत्व के भवन और चौक को नया स्वरूप दिया जाएगा।
एनआईटी हमीरपुर के विशेषज्ञों की मदद से इसका खाका तैयार कर लिया गया है। विशेषज्ञों ने इसके थ्रीडी नक्शे तैयार किए हैं। इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजी जा रही है। एडीसी एवं आयुक्त नगर निगम हमीरपुर अभिषेक गर्ग की अध्यक्षता में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और बिजली बोर्ड के अधिकारियों की इस सिलसिले में कई बैठकें हो चुकी हैं।
अब प्रारंभिक खाका तैयार कर लिया गया है। केंद्र सरकार की प्रायोजित इस योजना में प्रदेश के दो जिलों को शामिल किया जाना है। हमीरपुर जिला से नगर निगम का प्रपोजल तैयार किया गया है। खास बात यह है कि शहर के स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना इसके ऐतिहासिक स्वरूप को संजोया जाएगा। रेहड़ी-फड़ी व्यवस्था को सुव्यवस्थित कर शहर को सुंदर बनाया जाएगा।
ऐतिहासिक भवन तहसील कार्यालय और पुलिस थाने को पुराने स्वरूप में रखते हुए आकर्षक बनाया जाएगा। इतना ही नहीं वर्तमान बस अड्डे के बाईपास पर शिफ्ट हो जाने पर यहां पर बड़ा कमर्शियल कांप्लेक्स बनाया जाएगा। हीरानगर चौक, भोटा चौक, नादौन चौक पर जीरो चौक बनाएं जाएंगे।
वहीं, सब्जी मंडी और बाल स्कूल हमीरपुर के सामने स्थित खोखा मार्केट को व्यवस्थित कर इन्हें नया स्वरूप दिया जाएगा। शहर के मुख्य चौराहों और सरकारी दफ्तरों के नजदीक ग्रीन स्पेस विकसित कर यहां पर बैठने की व्यवस्था की जाएगी।
नगर निगम में पार्किंग और अन्य सुविधाओं में होगा विस्तार
इस प्रोजेक्ट में नगर निगम हमीरपुर कार्यालय का स्वरूप भी बदलेगा। यहां पर पार्किंग का निर्माण धरातल में किया जाएगा। इसके अलावा नए भवन का निर्माण, स्नूकर, पूल, कार्ड रूम, चेस रूम, टेबल टेनिस सहित कई सुविधाओं में विस्तार होगा। नगर निगम कार्यालय के साथ यहां पर टाउन हॉल में इंडोर बैडमिंटन कोर्ट भी वर्तमान में उपलब्ध हैं।
चार हिस्सों में विकसित होगा शहर
इस योजना के तहत तैयार किए गए खाके के मुताबिक डीसी कार्यालय से वाया डांकक्वाली हीरानगर का तीन किमी लंबा सर्किट, सेशन जज निवास से लेकर डीसी कार्यालय पार्किंग तक, मिल्खी राम पेट्रोल पंप से लेकर दोसड़का तक तीन किमी और बचत भवन से लेकर हथली खड्ड तक के एरिया दो किमी से अधिक के एरिया को अलग-अलग हिस्सों में विकसित किया जाएगा।
कोट
प्रोजेक्ट के थ्रीडी मॉडल तैयार कर लिए गए हैं। एनआईटी के विशेषज्ञों की मदद ली गई है। सरकार को जल्द ही इसकी रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
-अभिषेक गर्ग, एडीसी एवं आयुक्त नगर निगम, हमीरपुर