हमीरपुर। जिला दंडाधिकारी हरिकेश मीणा ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने और अन्य उपायों के दृष्टिगत दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश पारित किए हैं। आदेशों में कहा है कि जिले में किसी भी व्यक्ति के कोविड-19 से प्रभावित होने के लक्षणों या इस बारे में सूचना प्राप्त होने पर संबंधित व्यक्ति को तुरंत प्रभाव से इसकी समस्त जानकारी निगरानी अधिकारी को देनी होगी और उपचार में सहयोग भी करना होगा। इसके अतिरिक्त उस व्यक्ति या उसके संपर्क में आए अन्य सभी व्यक्तियों को निगरानी, निरीक्षण, जांच, शारीरिक परीक्षण, आइसोलेशन और उपचार से संबंधित निगरानी अधिकारियों के निर्देशों (लिखित या मौखिक) की अनुपालना भी करनी होगी।
अगर उपरोक्त व्यक्ति इन निर्देशों की अनुपालना में आनाकानी करते हैं तो उनके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता,1860 की धारा 270 के अंतर्गत कार्रवाई की जा सकती है। आदेशों में कहा गया है कि किसी भी तरह के परिसर के सभी मालिकों, प्रभारियों और अधिवासियों (किराएदारों) को उस परिसर में रहने वाले कोविड-19 से संक्रमित या इसके लक्षणों वाले व्यक्ति या ऐसे व्यक्ति जिसका हाल ही में कोविड-19 प्रभावित देशों की यात्रा का इतिहास रहा हो, के बारे में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों में या स्वास्थ्य विभाग के कॉल सेंटर में दूरभाष संख्या 104 पर अथवा जिला आपात संचालन केंद्र के दूरभाष नंबर 1077 पर सूचित करना अनिवार्य होगा। ऐसे लक्षणों या यात्रा विवरण वाले व्यक्ति को निगरानी अधिकारियों से सहयोग करते हुए निर्बाद्ध अभिगम (पहुंच) व वांछित सूचना उन्हें देनी होगी। परिसर में जिला में स्थित सभी सरकारी, अर्द्ध-सरकारी, कल्प (क्वैसी)-सरकारी और गैर-सरकारी सुविधाएं जैसे हॉस्टल, होटल, सराय, रेस्ट हाउस, गेस्ट हाउस, इंस्पेक्शन हट, धर्मशाला, होम स्टे, बीएनबी, अस्थायी टेंट और निजी आवास/मकान शामिल हैं। यह भी कहा गया है कि अतिरिक्त उपायुक्त एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, सभी उपमंडलाधिकारी (ना.), सभी कार्यकारी दंडाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हमीरपुर, डॉ. राधाकृष्ण राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान, हमीरपुर के चिकित्सा अधीक्षक, जिले के सभी जिला निगरानी अधिकारी इन आदेशों की अनुपालना के लिए अधिकृत किए गए हैं।