हमीरपुर। जिला मुख्यालय में सरकारी आवास आवंटन में अनियमितता के कारण सुर्खियों में रहने वाले प्रशासन के औचक निरीक्षण अभियान भी महज औपचारिकता साबित हो रहे हैं। निरीक्षण के बावजूद शहर में व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट रही। बीते छह माह से नगर परिषद हमीरपुर में अतिक्रमण ने बुरी तरह से पांव पसार लिए हैं। शहर में ऐसी कोई जगह नहीं दिख रही, जहां पर अवैध कब्जे नहीं हों।
गांधी चौक से लेकर भोटा चौक तक सड़क किनारे बनी निकासी नालियां कारोबार का माध्यम बन चुकी हैं। दुकानों का ज्यादा सामान नालियों पर सजा होता है। सड़कों पर रेहड़ियां ही रेहड़ियां नजर आ रही हैं। जिसके चलते राहगीरों का सड़क पर पैदल चलना मुश्किल हो गया है। कई बार बुजुर्ग तंग सड़क पर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। लेकिन, इसकी प्रशासन और नगर परिषद को कोई परवाह नहीं। द उपभोक्ता संरक्षण संगठन के चेयरमैन एडवोकेट सुशील शर्मा, सीनियर सिटीजन अशोक राणा, प्रताप सिंह, विवेक पठानिया और ज्ञान चंद ठाकुर का कहना है कि सड़क के किनारे निकासी नालियों पर अतिक्रमण के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। बीते छह माह की बात करें तो नगर परिषद और प्रशासन के अधिकारी कई बार शहर का निरीक्षण कर चुके हैं। लेकिन, यह निरीक्षण महज औपचारिकता साबित हो रहे हैं। धरातल पर कोई संतोषजनक परिणाम सामने नहीं आ रहे। उधर, नगर परिषद के ईओ विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि गत दिवस ही कार्यकारी एसडीएम इकबाल जफर के नेतृत्व में पुलिस और नगर परिषद ने शहर का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।