अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। ‘अमर उजाला’ की ओर से अपराजिता अभियान के तहत 100-मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम का आयोजन वीरवार को महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय के सभागार में आयोजित किया गया। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हमीरपुर बलवीर सिंह, स्वास्थ्य विभाग से वरिष्ठ चिकित्सक डा. पुष्पेंद्र वर्मा, पुलिस विभाग से उप निरीक्षक पूजा, जिला कार्यक्रम अधिकारी तिलक राज आचार्य, बाल विकास परियोजना अधिकारी हमीरपुर बलवीर बिरला विशेष रूप से मौजूद रहे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हमीरपुर बलवीर सिंह ने कहा कि औरत किसी भी परिवार की रीढ़ होती है। औरतों को सशक्त बनना चाहिए और परिवार के लोगों को हर स्थिति में अच्छी शिक्षा देनी चाहिए। औरतें अगर अपने बच्चों को अच्छी चीजें सिखाती हैं तो अपने आप ही हिंसात्मक गतिविधियां कम हो जाएंगी। उन्होंने महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, साइबर क्राइम, बैंक ठगी के मामलों, एनडीपीएस और दुष्कर्म, छेड़छाड़ समेत महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानूनों की जानकारी दी।
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क्षय रोग की स्थिति में कोर्स करें पूरा : डॉ. पुष्पेंद्र
स्वास्थ्य विभाग से वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने महिलाओं को कैंसर और क्षय रोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इसके कारण, बचाव और लक्षणों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बीमारियों का इलाज निशुल्क किया जाता है। उन्होंने सभी से आयुष्मान कार्ड और यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन कार्ड बनाने का आग्रह किया। चिकित्सक ने कहा कि क्षय रोग (टीबी) की स्थिति में घबराएं नहीं, क्योंकि इसका इलाज संभव है बशर्ते आपको दवाई का कोर्स पूरा करना होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री क्षय निवारण योजना के बारे में महिलाओं को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि किसी देश का विकास उसकी शिशु मृत्यु दर पर निर्भर करता है। इसलिए एक साल के बच्चों का इलाज देश में निशुल्क होता है। उन्होंने क्षय रोग की स्थिति में चिकित्सकों की ओर से बताई गई दवाई का कोर्स पूरा कर इस रोग को जड़ से खत्म करने का आह्वान किया। इसके अलावा उन्होंने जननी सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय बाल सुरक्षा योजन आदि के बारे में भी बताया।
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महिलाएं पुलिस शिकायत में न करें शर्म : पूजा
पुलिस उप निरीक्षक पूजा ने महिलाओं को घरेलू हिंसा अधिनियम, भरण पोषण एक्ट सहित महिलाओं से संबंधित अन्य प्रकार की कानूनी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बहू अपनी सास को मां और सास अपनी बहू को बेटी की तरह समझें, इससे घरेलू हिंसा में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि अगर महिला ससुराल में किसी भी तरह से प्रताड़ित हो रही हो तो वह पुलिस में शिकायत करे। पुलिस और डाक्टर के पास महिलाएं अपनी समस्या रखने में कभी शर्म न करें। अगर अपनी समस्या कोई महिला अच्छे से बताती है तो पुलिस उसका तुरंत समाधान कर देती है। उन्होंने महिलाओं और लड़कियों को गुड टच और बैड टच सहित अन्य जानकारी दी। अगर आपके आसपास कोई भी घरेलू हिंसा या महिला हिंसा का मामला होता है तो पुलिस में शिकायत कर सकते हैं। इस मौके पर उन्होंने महिलाओं से अपना मोबाइल नंबर साझा कर किसी भी हिंसा की स्थिति में उनसे संपर्क करने का आग्रह किया। इसके अलावा उन्होंने 112 और गुडिया हेल्पलाइन 1515 के बारे में महिलाओं को बताया।
क्या कहती है महिलाएं
महिला हिंसा पर करेंगी शिकायत : कौशल्या
मौहीं निवासी कौशल्या का कहना है कि बेटी और बहू को एक समान समझने के बारे में वह अपने गांव और क्षेत्र की महिलाओं को जागरूक करेंगी। इसके साथ ही अगर कोई महिला हिंसा होगी तो उसकी शिकायत पुलिस को देंगी।
फर्जी कॉल पर नहीं करेंगी विश्वास
बणी निवासी पुष्पा देवी का कहना है कि बैंक एटीएम नंबर और मोबाइल पर आने वाले लॉटरी के कॉल पर वह विश्वास नहीं करेंगी। एएसपी ने जो बातें बताई हैं उनपर अमल कर वह ऐसी स्थिति में संबंधित बैंक से संपर्क करेंगी।
हेल्पलाइन नंबरों का करेंगी प्रयोग
लाहलड़ी की सुषमा का कहना है कि एसआई पूजा ने बहुत महत्वपूर्ण जानकारी महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित दी है। उन्होंने कहा कि 100 नंबर की बजाय 112 डायल करने और गुड़िया हेल्पलाइन नंबरों के बारे पता चला है। जो सुरक्षा में सहायक होंगे।
टीबी को खत्म करने के बारे में करेंगी जागरूक
कोठी निवासी अंजना का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं, कैंसर और टीबी के बारे में वह अपने क्षेत्र के लोगों को जागरूक करेंगी और मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना के बारे में बताएंगी ताकि, टीबी को खत्म करने का लक्ष्य हासिल हो सके।
बच्चों को दें अच्छी सीख
दोसड़का की कांता देवी का कहना है कि बच्चों को अच्छी सीख देने और उनकी परवरिश अच्छी तरह करने के बारे में वह अन्य महिलाओं को भी जागरूक करेंगी। एएसपी ने जो बातें बताई हैं, उनसे वह प्रभावित हुई हैं। किसी भी क्राइम की स्थिति में वह पुलिस को सूचना देगी।
बैड टच का विरोध करना बताएंगी
कोटला की रेखा का कहना है कि बेझिझक होकर बैड टच का विरोध करने के बारे में बच्चियों को जागरूक करेंगी। अगर ऐसा कोई मामला उनके ध्यान में आता है तो वह बच्चियों को पुलिस में सूचना देने के बारे में जागरूक करेंगी।