बड़सर (हमीरपुर)। आईपीएच विभाग बड़सर ने दो वर्ष का एक साथ बिल थमाकर उपभोक्ताओं की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। उपमंडल बड़सर के तहत आने वाले क्षेत्रों में आईपीएच विभाग ने दो साल का लगभग 686 रुपये का बिल दिया है। इससे उपभोक्ताओं में विभाग के खिलाफ काफी रोष है। जबकि इससे पहले उपभोक्ताओं को हर छह माह बाद बिल दिए जाते रहे हैं। आईपीएच विभाग ने उपमंडल के तहत आने वाले क्षेत्रों बड़सर, बल्याह, भकरेड़ी, बणी, बिझड़ी, गारली, कड़साई, व्याड़, दलचेहड़ा, कलवाल और चकमोह आदि दर्जनों पंचायतों के गांवों में भारी भरकम बिल दिए हैं।
उपभोक्ताओं ने कहा कि आईपीएच विभाग ने अक्तूबर 2016 से लेकर जुलाई 2018 तक का एक साथ बिल दिया है। बिल जमा करवाने की अंतिम तिथि 28 जुलाई 2018 निर्धारित की गई है। क्षेत्र के उपभोक्ताओं में नरेश कुमार, राजकुमार, जगदीश चंद, सतीश कुमार, विनोद, संजय कुमार, हंसराज, देशराज, रिखी राम, जोगिंद्र, मदनलाल, हेमराज, कुलदीप चंद, संतोष कुमार, सुखदेव, विशन दास सहित अन्यों ने कहा कि गर्मियों के मौसम में क्षेत्रों के लोगों को पानी नहीं मिला है। बरसात का मौसम शुरू होते ही विभाग की ओर से दो साल का बिल एक साथ थमा दिया गया। इससे गरीब परिवारों से संबंध रखने वाले उपभोक्ताओं का घरेलू बजट बिगड़ गया है। वहीं कुछ क्षेत्रों में पानी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है और विभाग की ओर से पानी के बिल दे दिए गए। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे भी उपभोक्ता है जो भारी भरकम बिल नहीं दे सकते हैं। उपभोक्ताओं ने आईपीएच विभाग से मांग की है कि पानी के 6 माह में बिल दिए जाएं।
उधर, आईपीएच विभाग बड़सर के एसडीओ सुशील कुमार ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के कारण समय पर बिल नहीं काटे जा सके। इसके चलते बिल देने में विलंब हुआ है।