ददवीं पंचायत के वार्ड पांच के लोग सड़क के अभाव में पालकी पर बीमार महिला को अस्पताल ले जाते हुए।
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बिझड़ी (हमीरपुर)। आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी ग्राम पंचायत दंदवीं का गांव पपलोह हरिजन बस्ती को सड़क सुविधा नसीब नहीं हो पाई है। गांव के बीमार व्यक्ति को पालकी और चारपाई में उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं और खासकर बुजुर्गों को गांव से मुख्य सड़क तक पहुंचाने में कई तरह की परेशानियां पेश आती हैं। प्रदेश सरकार के मुखिया और मंत्री सभी प्रदेश के प्रत्येक गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के दावे करते रहे हैं लेकिन प्रदेश में सबसे अधिक सड़कों वाले जिला हमीरपुर के उपमंडल बड़सर में सरकार के यह दावे खोखले साबित हो रहे हैं। सोमवार को गांव में 98 वर्षीय बुजुर्ग महिला दलुंदी देवी बीमार हो गईं। सड़क सुविधा न होने के चलते टैक्सी गांव तक नहीं पहुंची। इसके बाद परिजनों ने पालकी बनाकर बुजुर्ग को कंधे पर उठाकर सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद टैक्सी से बड़सर अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया। हैरानी की बात है कि पालकी को कंधा देने वाले में उसका बेटा तुलसी राम और बहू बिमला देवी थीं। ग्रामीणों तुलसी राम, विनोद कुमार, सोनू, जोगिंद्र सिंह, कलासो देवी और बिमला देवी का कहना है कि वे कई बार पंचायत से लेकर एमएलए तक गांव में सड़क की समस्या को लेकर अवगत करवा चुके हैं लेकिन अभी तक सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। गांव में सात परिवारों के करीब 40 लोग रहते हैं। यह गांव सड़क से डेढ़ किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी चुनाव नजदीक आते हैं तो प्रत्याशी गांव में सड़क बनाने के बड़े-बड़े दावे और वादे करते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद वादों को भूल जाते हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी महज आश्वासन ही देते रहते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर इस बार लोकसभा चुनाव से पहले गांव में सड़क का निर्माण न हुआ तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे। पंचायत प्रधान कांता देवी का कहना है कि समस्या उनके ध्यान में है। उन्होंने कहा कि इसके बारे में इस गांव के लोगों को जमीन से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र गांव के लिए जीप योग्य रोड बनाई जाएगी। वहीं, एसडीएम बड़सर विशाल शर्मा का कहना है कि इसके बारे में उनके पास कोई भी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि फिर भी ऐसा है तो लोक निर्माण विभाग और पंचायत को सड़क निर्माण के लिए निर्देश जारी किए जाएंगे।