बाढ़ सुरक्षा को सिरहाली खड्ड का होगा तटीकरण
नाबार्ड के माध्यम से 3.88 करोड़ रुपये की राशि मंजूर
खड्ड के दोनों ओर 1810 मीटर लंबी लगेगी रोक, किसानों की भूमि हो पाएगी सुरक्षित
अमर उजाला ब्यूरो
बड़सर(हमीरपुर)। उपमंडल के तहत सिरहाली खड्ड किनारे की भूमि को बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करने के लिए तटीकरण किया जाएगा। नाबार्ड के माध्यम से खड्ड के तटीकरण के लिए 3.88 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है। इसके तहत खड्ड के दोनों ओर 1810 मीटर लंबी रोक लगाई जाएगी। इससे क्षेत्र के तीन गांवों की खड्ड किनारे भूमि सुरक्षित होगी। बरसात के दिनों में भारी बारिश होने पर सिरहाली खड्ड में बाढ़ की स्थिति बन जाती है। जिसके चलते सिरहाली खड्ड के किनारे भूमि बह जाती है। इससे किसानों की खड्ड किनारे की भूमि को नुकसान पहुंचता है। क्षेत्र के किसान काफी समय से खनन रोकने और बाढ़ से भूमि को सुरक्षा प्रदान की मांग करते आ रहे हैं। सरकार के निर्देश पर आईपीएच विभाग ने सिरहाली खड्ड का तटीकरण करने के लिए योजना तैयार की।
आईपीएच विभाग ने सिरहाली खड्ड किनारे मसलाना से झंझयाणी तक 1810 मीटर लंबी रोक लगाने के लिए प्रारूप तैयार कर नाबार्ड को स्वीकृति के लिए भेजा था। इससे मसलाना कलां, झंझयाणी और मसलाना खुर्द के गांवों की खड्ड किनारे की भूमि सुरक्षित हो सकेगी। नाबार्ड से तटीकरण के लिए 3.88 करोड़ रुपये बजट की मंजूरी मिल गई है। इससे अब उक्त गांवों के लोगों की खड्ड किनारे की भूमि सुरक्षित हो पाएगी। इसके साथ झंझयाणी पेयजल योजना भी सुरक्षित होगी। क्षेत्र के लोगों जीवन, बह्म दास, सुरेंद्र कुमार, किशोरी लाल सहित अन्य लोगों का कहना है कि बरसात में बाढ़ आने पर उनकी भूमि सुरक्षित होगी। आईपीएच विभाग बड़सर के अधिशासी अभियंता जितेंद्र गर्ग का कहना है कि सिरहाली खड्ड किनारे की भूमि के तटीकरण के लिए नाबार्ड से 3.88 करोड़ की राशि मंजूर हुई है। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है और जल्द ही क्षेत्र के लोगों को सुविधा प्रदान होगी।