हमीरपुर। भारत सरकार के कॉपीराइट कार्यालय नई दिल्ली ने बंदर व फसल बचाने की परियोजना का कॉपीराइट रत्न लाल वर्मा के पक्ष में पंजीकृत किया है। इस के लिए इन्हें प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया है। इस परियोजना को लागू करने से बंदरों को मारेे बिना इनकी समस्या से छुटकारा मिलेगा। इस परियोजना में बंदरों को चिड़ियाघर की तरह नियंत्रण में रखने की विधि बनाई गई है। इसमें भोजन सामग्री उपलब्ध करवाने का तरीका भी बताया गया है। वर्मा ने कहा कि यह परियोजना रोजगार के अवसरों के सृजन तथा पर्यटन के विकास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बंदर चिड़ियाघर का सुंदर नक्शा बनाया गया है। जिसमें बंदरों का रखरखाव सीजेडए के दिशा निर्देशों के अनुसार होगा। उन्होंने कहा कि दर्शक वन्य परिवेश की तरह इन वन्य प्राणियों की उछल कूद देख सकेंगे। इस परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वनों में फलदार पौधे सुरक्षात्मक ढंग से विकसित हो सकेंगे।