भोरंज (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के ग्रामीणों ने आईपीएच विभाग पर चैंथ खड्ड के चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर कार्य नहीं करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने विभाग के अधिकारियों पर मनमानी के आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है। जिला परिषद सदस्य अंकुश सैणी, पुरुषोत्तम लाल, प्रदीप कुमार, खूब सिंह, समरजीत, कन्हैया लाल, प्रकाश चंद, सुरेश कुमार, ज्ञानो देवी, बीना देवी, ब्लॉक कांग्रेस सेवादल के प्रधान सुरेंद्र कुमार ने कहा कि चैंथ खड्ड के चैनलाइजेशन का कार्य आईपीएच विभाग के माध्यम से किया जा रहा है लेकिन, सर्वे के अनुसार 2014 में जो ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए थे उन पर कार्य नहीं हो रहा है।
चैंथ खड्ड में ऐसे स्थान हैं, जहां लोगों को अपनी भूमि के साथ-साथ रिहायशी मकानों का बरसाती मौसम से खतरा बना हुआ है। लेकिन, वर्तमान में अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों की मलकीयत होने पर भूमि से पत्थर उठाकर दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा है तथा विभाग अपने आप ठेकेदार से मिलकर खनन करवा रहा है। चैंथ खड्ड में गांव नगरोटा से नीचे लोगों की मलकीयती भूमि को खतरा है। 100 मीटर की दूरी पर दो कमरे हैं, जो खड्ड के बहाव के कारण बरसात के मौसम में हमेशा खतरे के निशान पर रहते हैं। धमरोल पुल के पास भी ऐसी स्थिति बनी हुई है। खड्ड के कारण रिहायशी मकानों को पूर्ण खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जब पत्थर उठाने को मना करते हैं तो ठेकेदार के लोग ग्रामीणों से लड़ाई झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। उधर, आईपीएच के अधिशाषी अभियंता ओम प्रकाश भारद्वाज ने कहा कि अभी तक इस मामले की कोई शिकायत नहीं आई है। अगर ऐसी शिकायत आती है तो मामले की जांच की जाएगी।