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हमीरपुर ऑफिस में ताला, धाम खाने बिलासपुर पहुंचे सीआईडी के कर्मचारी

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हमीरपुर। जिला मुख्यालय हमीरपुर में अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) के जिला कार्यालय में बुधवार को दोपहर 12 बजे ही बंद हो गया। सीआईडी कार्यालय के प्रभारी अपने समस्त स्टाफ के साथ गाड़ियों में सवार होकर बिलासपुर जिले में धाम खाने पहुंच गए। जबकि एक अन्य हेड कांस्टेबल सीआईडी शिमला से आए अधिकारी के बेटे का एक शिक्षण संस्थान में लंबित कार्य को करवाने के लिए चला गया। इस दौरान जब लोगों की नजर सीआईडी कार्यालय के दरवाजों पर लगे तालों पर पड़ी तो चर्चाएं शुरू हो गईं। आईजी सीआईडी शिमला ने एसपी को पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं।
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हैरानी की बात है कि जब इस मामले की सूचना शिमला स्थित एडीजीपी, आईजी और एसपी सीआईडी कार्यालय में दी गई तो यह सूचना सोशल मीडिया पर वायरल होते हुए हमीरपुर स्थित लोअर स्टाफ तक पहुंच गई। पुलिस विभाग की इस कार्यप्रणाली ने सूचना देने वालों के नाम गुप्त रखने के दावों पर भी सवाल उठा दिए हैं। इससे अब भविष्य में लोग किसी क्राइम की सूचना देने से पूर्व सोचने पर मजबूर होंगे। बता दें कि हमीरपुर सीआईडी कार्यालय में दो सब इंस्पेक्टर समेत करीब 9 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इसमें एक सब इंस्पेक्टर की 31 जुलाई को सेवानिवृत्ति हो गई। बुधवार को उनके बिलासपुर स्थित निवास पर प्रीतिभोज का आयोजन था। इसमें भाग लेने के लिए हमीरपुर स्थित सीआईडी का समस्त स्टाफ रवाना हो गया। सीआईडी कार्यालय में दिनभर ताला लटकने से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
आईजी सीआईडी शिमला दिलजीत ठाकुर का कहना है कि वह छुट्टी पर हैं। लेकिन, सीआईडी कार्यालय हमीरपुर के दरवाजे पर ताला लटकने की शिकायत मिली है। कार्यालय आने के बाद इस पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कर्मचारियों की मोबाइल लोकेशन और हमीरपुर मिनी सचिवालय के गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जाएगी।
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एसपी सीआईडी संदीप भारद्वाज का कहना है कि कार्यालय में ताला लगाकर एक साथ कहीं जाना गलत है। बिना सूचना एक साथ कार्यालय से गायब रहना विभागीय नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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