सुजानपुर/हमीरपुर। स्थानीय कस्बे में लावारिस कुत्तों ने सात और लोगों को काट दिया है। बुधवार शाम और वीरवार सुबह कुत्तों ने तीन बच्चों, तीन बुजुर्गाें और एक महिला को शिकार बनाया है। कुत्तों और बैलों के आतंक से कस्बे में भय का माहौल है। इससे पूर्व एक लावारिस बैल ने करीब आधा दर्जन लोगों को घायल किया था।
इधर, डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में कुत्ते के काटने के बाद अपने 8 वर्षीय बेटे के इलाज को गई महिला को शल्य विभाग ओपीडी में चिकित्सक न होने के कारण दोपहर तक बिना इलाज के ही अस्पताल में इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा अन्य तीन लोग भी चिकित्सकों के ओपीडी में न होने के चलते निजी अस्पतालों में चले गए लेकिन, महिला रंजना अपने बेटे को लेकर अस्पताल में ही बैठी रही। अस्पताल के शल्य चिकित्सा विभाग में तीन चिकित्सक हैं लेकिन, वीरवार को ओपीडी में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं था।
तीनों चिकित्सक ऑपरेशन थियेटर में मौजूद थे। महिला रंजना ठाकुर पत्नी जितेंद्र पाल निवासी सुजानपुर टिहरा ने कहा कि बुधवार को शाम के समय एक लावारिस कुत्ते ने उनके बेटे सहित अन्य लोगों को काटकर घायल कर दिया। रंजना ने कहा कि शाम के समय सिविल अस्पताल में उपचार देकर उन्हें हमीरपुर रेफर कर दिया गया था। इसके बाद हमीरपुर पहुंचे और वहां पर उपचार देकर उन्हें घर भेज दिया और वीरवार सुबह आने को कहा। महिला ने कहा कि वह वीरवार सुबह हमीरपुर अस्पताल में पहुंच गए, लेकिन वहां पर शल्य चिकित्सा ओपीडी में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। उन्होंने इस बारे में अस्पताल में मौजूद स्टाफ को पूछा तो उन्होंने कहा कि चिकित्सक नहीं बैठेंगे। वह ऑपरेशन थियेटर में मौजूद हैं। रंजना ने कहा कि अगर वीरवार को चिकित्सक ऑपरेशन थियेटर में मौजूद रहते हैं तो उन्हें बुधवार को शाम को कहना चाहिए था कि वह वीरवार की बजाए शुक्रवार को आएं। हालांकि बाद में एमएस से संपर्क कर बच्चे को उपचार दिया गया। एमएस डॉ. अनिल वर्मा ने कहा कि वीरवार को शल्य विभाग के चिकित्सक ऑपरेशन थियेटर में थे। दोपहर को घायल बच्चे को उपचार दे दिया गया था।
उधर, एसडीएम सुजानपुर शिवदेव सिंह ने पशुपालन विभाग को 3 दिन के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 72 घंटों के भीतर ऐसे कुत्तों को चिन्हित करें ताकि, उन्हें टीका लगाया जा सके। इसके साथ ही नगर परिषद को निर्देश दिए गए हैं कि जिन लोगों ने घरों में कुत्ते पाल रखे हैं, उनके नाम नगर परिषद में दर्ज करवाने संबंधी नोटिस जारी किया जाए और कितने कुत्ते अब तक नगर परिषद में दर्ज हैं, इसकी सूचना भी पशुपालन विभाग को दी जाए। उपमंडल अधिकारी शिव देव सिंह ने बैठक में तमाम निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने लोगों से सहयोग का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि कहीं भी किसी भी तरह के जानवर के पागल होने की सूचना मिलती है तो वह तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें।