हमीरपुर। आखिर एक साल के बाद जिला प्रशासन की नींद टूट ही गई। अमर उजाला ने जुलाई 2018 और 4 जनवरी 2019 को इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। बार-बार खबर छपने के बाद भोरंज और सुजानपुर के विधायकों ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए मुख्य गेट की शीघ्र मरम्मत करवाने की बात कही थी। अब लोक निर्माण विभाग को मिनी सचिवालय के मुख्य गेट समेत अन्य मरम्मत कार्यों के लिए करीब 60 लाख रुपये का बजट जारी हुआ है।
शनिवार को लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता देवराज ने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर क्षतिग्रस्त गेट को हटाया। अब इस जगह पर नया गेट लगाया जाएगा। लोनिवि के विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गेट भारी भरकम होने के चलते ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाएगा। इसलिए अब इसकी जगह कम वजन का नया गेट लगाया जाएगा। मिनी सचिवालय हमीरपुर का गेट अप्रैल 2018 में क्षतिग्रस्त हुआ था। लेकिन, बीते दस महीने तक इसकी मरम्मत नहीं हो पाई। मिनी सचिवालय में डीसी, एडीसी, एसडीएम, एसपी, एएसपी, डीएसपी समेत कई विभागों के कार्यालयों में दो से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं। व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने बीते दिन कहा था कि हमीरपुर में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। नये तो छोड़ो पुराने कार्य भी ठप पड़े हैं। वहीं, भोरंज की विधायक कमलेश कुमारी ने कहा था कि इस मामले पर जिला प्रशासन को निर्देश दिए जाएंगे। जिसके बाद अब मरम्मत कार्य शुरू हो गया है। उधर, लोनिवि के एसडीओ देवराज ने कहा कि मिनी सचिवालय में मरम्मत कार्य के लिए 60 लाख रुपये का बजट मिला है। पुराना गेट काफी भारी होने के चलते अब इसकी जगह कम वजन का गेट लगाया जाएगा।