हमीरपुर। प्रदेश फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के संयोजक अमर चंद शर्मा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि 20 लाख तक का व्यापार करने वाले सभी छोटे व्यापारियों को हिसाब-किताब रखने की छूट दी जाए। कारोबारियों के प्रदेश में व्यापार करने पर रजिस्ट्रेशन नहीं करवानी होगी लेकिन, जो व्यापारी इंटरस्टेट कारोबार करता है तो रजिस्ट्रेशन जरूरी है और ऐसे व्यापारियों को जीएसटी की रिटर्न तिमाही देनी होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में इतने उद्योग नहीं है कि जहां व्यापारियों को सभी प्रकार का सामान उपलब्ध हो सके। अमर ने कहा कि छोटे व्यापारियों को अपना व्यापार करने के लिए पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक जाना पड़ता है। अगर स्टेट से या इंटरस्टेट से व्यापारी 20 लाख रुपये तक का कारोबार करता है तो जीएसटी देने के बाद 10 फीसदी का खर्चा हिसाब-किताब रखने में रिटर्न सहित आ जाता है तो 20 लाख में व्यापारी 3 से 4 लाख तक कमाई करता तो 10 फीसदी खर्चा और 10 फीसदी लगभग बचत होती है। ऐसे में व्यापारी को अपना परिवार का पालन पोषण मुश्किल हो जाएगा। व्यापारी आत्महत्या करने पर विवश हो जाएंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि 20 लाख तक का व्यापार करने वाले सभी छोटे व्यापारियों को हिसाब किताब रखने की छूट दी जाए ताकि, व्यापारी को किसी प्रकार की कोई परेशानी न झेलनी पड़े।