हमीरपुर। जिले के कम संख्या वाले प्राइमरी स्कूलों को मर्ज करने की प्रक्रिया लटक गई है। जिले के 25 स्कूलों में बच्चों की संख्या 20 से कम है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को संबंधित नजदीकी स्कूलों में मर्ज करने का निर्णय लिया था लेकिन, इस निर्णय के बाद विभाग ने स्कूलों को मर्ज करने से पहले लोगों के सुझाव लेना जरूरी समझा। जिलाभर के कम संख्या वाले स्कूलों से संबंधित लोगों से सुझाव मांगे गए। अब लोगों ने स्कूलों के लिए अपने सुझाव दे दिए हैं। इनमें से कुछ लोग मर्ज करने के पक्ष में थे तो कुछ नहीं। ऐसे में अब शिक्षा विभाग ने इस निर्णय को टाल दिया है।
जिला शिक्षा उपनिदेशालय में विभाग की तरफ से आगामी कोई नोटिफिकेशन नहीं आई है। बहरहाल शिक्षा विभाग का स्कूलों को मर्ज करने का फैसला ठंडे बस्ते में जाने से इन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों और अभिभावकों को राहत जरूर मिलेगी। अब शैक्षणिक सत्र का एक चौथाई भाग निकल गया है। इस संबंध में शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक देशराज भरवाल का कहना है कि स्कूलों को मर्ज करने के लिए लोगों से सुझाव मांगे गए थे। सुझाव विभाग को प्रेषित कर दिए हैं। अभी तक विभाग से कोई आगामी नोटिफिकेशन नहीं आई है। ऐसे में स्कूलों के मर्ज होने की संभावना कम है।