हमीरपुर। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में खींचतान बरकरार है। मिशन-2019 को लेकर लोकसभा चुनावों के मद्देनजर आयोजित कांग्रेस की अब तक की जनसभाओं से कई दिग्गज नजर नहीं आ रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी छोड़ने के बावजूद सुखविंद्र सिंह सुक्खू और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह एक मंच पर नहीं आए। शनिवार को हमीरपुर के मझोट में आयोजित जनसभा में पूर्व अध्यक्ष का फोटो जगह-जगह लगे पोस्टरों में जरूर था लेकिन, मंच से वीरभद्र सिंह ने सुक्खू के खिलाफ जमकर तीर छोड़े।
सुक्खू की तारीफ में वीरभद्र सिंह सहित मंच पर आए नेताओं ने एक भी शब्द नहीं बोला। इस कार्यक्रम से जिला कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, कांग्रेस सेवादल, जिला महिला कांग्रेस कमेटी, कांग्रेस अनुसूचित जाति सेल, शहरी कांग्रेस और युवा कांग्रेस कमेटी के अलावा पार्टी के अग्रणी संगठनों से कोई भी पदाधिकारी नहीं पहुंचा। अग्रणी संगठनों की इस कार्यक्रम से दूरी ने भी गुटबाजी को और अधिक हवा दी है। एक दिन पहले माना यही जा रहा था कि हमीरपुर जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष का गृह जिला है और वह इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। जिसके चलते कार्यक्रम में उनके पोस्टर लगाए गए। लेकिन, सुक्खू इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। हालांकि, राजेंद्र राणा का अपना जनाधार है और विस चुनावों में भी कांग्रेस कमेटी का सहयोग न मिलने के बावजूद उन्होंने भाजपा के दो बार के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को पराजित किया था।
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यह नेता नहीं पहुंचे कार्यक्रम में-
जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश ठाकुर, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राज धीमान, सेवादल संयोजक मदन कौंडल, ब्लॉक अध्यक्ष सुनील कुमार, सुजानपुर ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप पठानिया, पूर्व विधायक मंजीत डोगरा, शहरी कांग्रेस अध्यक्ष मनोज शर्मा और पूर्व एपीएमसी अध्यक्ष प्रेम कौशल के अलावा कई अन्य पदाधिकारी इस कार्यक्रम से नदारद रहे। बड़ी संख्या में अग्रणी संगठनों के पदाधिकारियों ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाकर दिखा दिया कि वह अभी तक पूर्व अध्यक्ष सुक्खू के साथ खड़े हैं। बड़सर से विधायक इंद्रदत्त लखनपाल भी अपने परिवार के साथ लंबे समय से जिले से बाहर हैं।