हमीरपुर। जिला हमीरपुर शिक्षा के क्षेत्र में तो अव्वल है, लेकिन स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिला संघर्ष कर रहा है। जिला हमीरपुर में कुल 32 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं लेकिन चबूतरा, चौडृू और फाहल में डॉक्टर नहीं हैं। उपमंडल सुजानपुर के तहत आते चबूतरा में चिकित्सक, फार्मासिस्ट और चपरासी का एक-एक पद स्वीकृत है लेकिन तीनों पद खाली हैं। वर्तमान में महिला और पुरुष हेल्थ वर्कर सेवाएं दे रहे हैं।
इसी तरह उपमंडल नादौन के अंतर्गत पीएचसी चौड़ू और फाहल में चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं। यहां पर मरीजों की सेहत केवल फार्मासिस्ट के हवाले है। वहीं चौड़ू में पीएचसी रैल से चिकित्सक डेपुटेशन पर अपनी सेवाएं दे रहा है। स्थायी डाक्टर न होने के चलते रैल और चौड़ू दोनों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। रैल पीएचसी में तैनात डॉ. हितेश गढ़वाल तीन अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। रैल और चौड़ू सहित वह सिविल अस्पताल नादौन में भी माह में दो बार रात्रि ड्यूटी देते हैं।
पीएचसी भोटा में भी चिकित्सकों के स्वीकृत तीन पदों में से दो पद रिक्त चल रहे हैं। दस पीएचसी में चिकित्सकों के एक-एक पद रिक्त चल रहे हैं। इन पीएचसी में मात्र एक-एक ही चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहा है। इसके अलावा जिला के डेढ़ दर्जन पीएचसी में पैरा मेडिकल स्टाफ के कई पद रिक्त हैं। वहीं पीएचसी चकमोह में पैरामेडिकल स्टाफ का एक भी पद स्वीकृत नहीं है। इस कारण लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। पीएचसी सलौणी में लैब तकनीशियन का पद डेढ़ साल से रिक्त चल रहा है। इस कारण लोगों को मजबूरन बाहर महंगे दामों पर टेस्ट करवाने पड़ते हैं। इस पीएचसी में दो चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन मात्र एक चिकित्सक ही सेवाएं दे रही हैं। चिकित्सकों के लिए आवास भी हैं, लेकिन अस्पताल शाम के समय बंद हो जाता है। मरीजों को भर्ती भी नहीं किया जाता है, क्योंकि पीएचसी में बिस्तरों की कोई व्यवस्था नहीं है। जिला के अधिकतर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लैब तकनीशियन के भी न होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। लोगों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उचित सुविधाएं देने की उठाई मांग है।
चिकित्सकों के पद भरे जाएं : शर्मा
करेर पंचायत के पूर्व प्रधान सुखराम शर्मा का कहना है पीएचसी सलौणी में दोनों चिकित्सकों के पदों पर डॉक्टरों की तैनाती हो। रात्रि के समय भी अस्पताल खुला रहे और लोगों को परेशानी न हो।
दस बिस्तरों का हो प्रावधान : सोनी
सलौणी निवासी अशोक सोनी का कहना है कि सलौणी पीएचसी में 10 बिस्तरों का प्रावधान सरकार को करना चाहिए ताकि गंभीर बीमार को भर्ती करने की सुविधा यहां मिल सके।
रात्रि सुविधा मिले : सुनीता
करेर पंचायत की पूर्व वार्ड पंच सुनीता देवी का कहना है की सलौणी पीएचसी में चिकित्सकों के लिए आवास की सुविधा भी है। लेकिन लोगों को रात्रि स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने अस्पताल को 24 घंटे खुला रखने की मांग की है।
लैब तकनीशियन का पद भरे सरकार : इंद्रजीत
कुल्हेड़ा पंचायत प्रधान इंद्रजीत सिंह का कहना है कि सरकार को पीएचसी सलौणी मे रिक्त पड़े लैब तकनीशियन का पद प्राथमिकता के आधार पर भरना चाहिए। क्षेत्रवासियों को बाहर महंगे टेस्ट करवाने पर मजबूर न होना पड़े।
जिला में कुछेक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी है। जिस कारण डेपुटेशन पर चिकित्सकों को भेजा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा खाली पदों के भरने के बाद लोगों की समस्याएं दूर हो जाएंगी।
-डॉ. सावित्री कटवाल, सीएमओ हमीरपुर