हमीरपुर। क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में स्टाफ की किल्लत के कारण ओपीडी में कमी आई है। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित चिकित्सकों के नौ पद अरसे से रिक्त चल रहे हैं। चिकित्सकों के रिक्त पदों के कारण अस्पताल में उपचार को आने वाले मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ रहा है। इस कारण अस्पताल की ओपीडी में कमी आई है। अस्पताल में ईएनटी, सर्जन सहित मेडिसिन विशेषज्ञ का पद अरसे से रिक्त पड़ा है। इन चिकित्सकों के अभाव में संबंधित बीमारियों का उपचार करवाने और दवाई लेने आने वाले मरीजों में कमी आई है। सर्जन, ईएनटी विशेषज्ञ के पद खाली होने के कारण मरीजों को या तो प्राइवेट अस्पतालों में उपचार करवाना पड़ रहा है या क्षेत्रीय अस्पताल से उन्हें टांडा, पीजीआई या आईजीएमसी रेफर कर दिया जाता है।
चिकित्सकों की कमी के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है। मरीजों को चिकित्सकों के अभाव में अन्य अस्पतालों को रेफर करने के कारण क्षेत्रीय अस्पताल की ओपीडी में 350 से 400 मरीजों की कमी आई है। इससे पूर्व अस्पताल की रोजाना की ओपीडी 1200 से पार थी, लेकिन चिकित्सकों की कमी के काण मरीजों को रेफर कर देने से ओपीडी घटकर 750-800 रह गई है। अस्पताल के रिक्त चल रहे चिकित्सकों के नौ पदों को विभाग द्वारा अरसे से नहीं भरा गया है। चिकित्सकों की कमी के कारण अस्पताल में मरीजों को उपचार करवाने में परेशानी झेलनी पड़ती है। वहीं अस्पताल के दो चिकित्सक ट्रेनिंग पर होने के कारण समस्या और भी गंभीर हो गई है। इस संबंध में एमएस डॉ. अर्चना सोनी का कहना है कि चिकित्सकों के अभाव में क्षेत्रीय अस्पताल से मरीजों को अन्य अस्पतालों के लिए रेफर करना पड़ता है। इस कारण अस्पताल की ओपीडी में कमी आई है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।