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एक माह के भीतर उखड़ी नेशनल हाईवे की टारिंग

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हमीरपुर। रानीताल-शिमला नेशनल हाईवे के तहत हमीरपुर के पक्का भरो से जोलसप्पड़ हाईवे पर बिछाई टारिंग एक माह के भीतर उखड़नी शुरू हो गई है। एनएच अथॉरिटी ने 16 जून को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के हमीरपुर आगमन से कुछ दिन पूर्व ही इस मार्ग पर टारिंग की थी। हमीरपुर में प्रदेश के अन्य जिलों की तरह भारी बारिश भी नहीं हुई है। इसके बावजूद सड़क पर बिछाई टारिंग का एक माह में उखड़ना एनएच विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।
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टारिंग के उखड़ने से सड़क पर पत्थर के छोटे-छोटे टुकड़े (क्रशर) बिखरे हैं। इससे दोपहिया वाहन चालक स्किड होकर चोटिल हो रहे हैं। पक्का भरो से जोलसप्पड़ तक टारिंग का कार्य पिछले करीब तीन साल से लंबित पड़ा है। एनएच विभाग ने सड़क के विस्तारीकरण का कार्य उत्तराखंड की एक कंपनी को दिया था। लेकिन, कार्य में देरी के चलते विभाग ने टेंडर रद्द कर ठेकेदार को जुर्माना लगाया था। जिसके बाद ठेकेदार ने प्रदेश उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। जहां से राहत मिलने के बाद ठेकेदार ने बीते माह ही टारिंग का कार्य किया लेकिन, अब एक माह के भीतर ही टारिंग उखड़ गई है। जिसके चलते शिमला से धर्मशाला, पठानकोट की तरह जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
हमीरपुर के मट्टनसिद्ध से कंदरौर तक बन रहे डबललेन हाईवे के तहत डंगार से दरगेल और भोटा से सौर के बीच भी सड़क पर जगह-जगह टारिंग उखड़ने से गड्ढे पड़े हैं। शहरवासियों में प्रदीप कुमार, सुनील शर्मा, दिनेश ठाकुर, विधि चंद शर्मा और अशोक ठाकुर ने सरकार से मामले की जांच की मांग की है। उधर, एनएच विभाग हमीरपुर के अधिशासी अभियंता जगदीश चंद ने बताया कि आईपीएच विभाग की पाइपों की लीकेज के कारण कुछेक जगह टारिंग उखड़ी है। इस बारे में आईपीएच विभाग को लिखा गया है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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