भोरंज(हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज में भाजपा और कांग्रेस पार्टियों द्वारा विभिन्न विभागों के मंडल स्तर के कार्यालय खोलने के वायदे मात्र चुनावी वायदे ही रह गए हैं। प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों की सरकारें आती और जाती रही हैं, लेकिन किसी भी पार्टी की सरकार ने उपमंडल में मंडल स्तर के कार्यालय खोलने की जहमत नहीं उठाई है। हालांकि इन पार्टियों के नेताओं ने कई बार चुनाव के दौरान मंडल स्तर के कार्यालय खोलने के वायदे उपमंडल के लोगों से किए हैं। भोरंज में देश की आजादी के बाद लोनिवि का सेक्शन कार्यालय खुल गया था और वर्ष 1967 में उपमंडल स्तर का कार्यालय खुल गया।
इसके 50 वर्षाें बाद भी भोरंज में मंडल स्तर का कार्यालय नहीं खोला गया है। भोरंज के बाद बने उपमंडलों में सरकार द्वारा मंडल स्तर के कार्यालय खोल दिए हैं। टौणी देवी उपमंडल जो 15 वर्ष पहले बना, वहां लोनिवि का मंडल स्तर का कार्यालय है, जबकि भोरंज उपमंडल के लोगों को विभाग के मंडल स्तर के कार्यालय का काम करवाने के लिए 40 किलोमीटर दूर बड़सर जाना पड़ता है। ऐसा ही हाल आईपीएच विभाग व बिजली बोर्ड का है। इन विभागों के भी केवल उपमंडल स्तर के कार्यालय ही भोरंज में स्थित हैं। क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार से भोरंज में मंडल स्तर के कार्यालय खोलने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि कई बार प्रदेश सरकरों से भोरंज में मंडल स्तर के कार्यालय खोलने की मांग उठाई गई है, लेकिन किसी ने कार्यालय खोलने की जहमत नहीं उठाई है। राजनेताओं ने मात्र चुनावी वायदे किए हैं।
भोरंज में पिछले तीस वर्षों से भाजपा के विधायक रहे
भोरंज के विधायक डॉ. अनिल धीमान का कहना है कि अगर भाजपा सरकार सत्ता में आती है तो भोरंज में किसी न किसी विभाग का मंडल स्तर का कार्यालय खोला जाएगा।
कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश कुमार का कहना है कि भोरंज में पिछले तीस वर्षों से भाजपा के विधायक रहे हैं। उन्होंने इस तरफ कोई प्रयास नहीं किए हैं। अगर इस बार कांग्रेस की सरकार बनती है तो किसी न किसी विभाग का मंडल स्तरीय कार्यालय भोरंज में खोला जाएगा।