नादौन (हमीरपुर)। राजकीय महाविद्यालय नादौन में शुक्रवार को दो छात्र संगठनों के बीच खूनी झड़प होने के कारण कॉलेज का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। इस झड़प में चार छात्र बुरी तरह घायल हो गए। चारों के सिर पर गंभीर घाव हैं। इस झड़प में ग्रिप, रॉड और डंडों का खूब प्रयोग हुआ। लड़ते-लड़ते यह छात्र प्राचार्य के कमरे तक पहुंच गए। जहां इन छात्रों ने बीच-बचाव करने आए प्राध्यापकों और प्राचार्य के साथ भी दुर्व्यवहार किया। इससे गुस्साए स्टाफ ने कॉलेज बंद करके पुलिस थाने में जाकर सुरक्षा की मांग की और कहा कि जब तक उन्हें सुरक्षा का भरोसा नहीं दिलाया जाता तब तक वह लोग सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे।
प्राध्यापकों ने कहा कि शनिवार को वे इस घटना के विरोध में अध्यापन कार्य नहीं करेंगे। घटना में घायल छात्रों को नादौन अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। शुक्रवार सुबह कॉलेज कैंपस के निकट दोनों ही दलों के छात्र काफी संख्या में एकत्रित हुए थे। जिसे देख कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को भी सूचना दे दी थी लेकिन, अचानक ही किसी बात को लेकर दोनों ही गुटों में झड़प आरंभ हो गई। इसी दौरान कुछ छात्र दौड़ते हुए कॉलेज प्राचार्य के कमरे तक पहुंच गए परंतु दूसरे गुट के छात्रों ने पीछा करते हुए इन्हें वहीं मारना आरंभ कर दिया। झगड़े को रोकने के लिए जैसे ही उपप्राचार्य डा. चंदन और अन्य प्राध्यापक वहां पहुंचे तो कुछ छात्रों ने उनसे भी गाली गलौज आरंभ कर दिया। वीरवार को भी एसएफआई की आम सभा के दौरान दोनों ही गुटों में संघर्ष हुआ था। इस दौरान भी कुछ छात्रों ने प्राध्यापकों के साथ दुर्व्यवहार करने का प्रयास किया था। उधर, एबीवीपी ने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन उनके साथ भेदभाव कर रहा है। वहीं, एसएफआई का आरोप है कि उन्हें जानबूझ कर तंग किया जा रहा है। इस संबंध में थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ने कहा कि हालात नियंत्रण में हैं और मामले की छानबीन की जा रही है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायत मिली है। जबकि घायलों का मेडिकल करवाया गया है।
आज अध्यापन कार्य बंद रखेंगे प्रवक्ता
राजकीय महाविद्यालय नादौन में दो छात्र गुटों में संघर्ष के दौरान प्राध्यापकों के साथ छात्रों की ओर से किए गए दुर्व्यवहार को लेकर प्राध्यापकों ने कॉलेज के उप प्राचार्य डा. चंदन की अगुवाई में पुलिस को शिकायत पत्र सौंपा है। अपनी शिकायत में प्राध्यापकों ने कॉलेज के मुख्य द्वार को अवैध तौर पर बंद करने और स्टाफ तथा कॉलेज के विद्यार्थियों की सुरक्षा को खतरे की बात कही है। इसके अलावा प्राध्यापकों ने छात्रों पर कॉलेज कैंपस में अवैध तौर पर नारेबाजी करने, बैनर जलाने, कॉलेज के मुख्य द्वार को बंद करने, सरकारी कर्मचारियों के साथ धक्कामुक्की करनं, कैंपस में गाली गलौज करने तथा प्राध्यापकों को धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्राध्यापकों ने सुरक्षा की मांग करते हुए कहा है कि शनिवार को वह इस घटना के विरोध में अध्यापन कार्य नहीं करेंगे।